बांड रिटर्न में बढोतरी से बैंकों को खतरा, लगेगा 30,500Cr. का झटका!

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Feb 14, 2018

मुंबई। इंडिया रेटिंग्स की एक रपट में रपट में आगाह किया गया है कि बांड पर ईल्ड (निवेश-फल) में लगातार वृद्धि यानी बांड की बाजार कीमतों में गिरावट से चालू वित्त वर्ष में बैंकों की बैलेंस-शीट 30,500 करोड़ रुपये का प्रतिकलू प्रभाव पड़ सकता है। इसमें सबसे अधिक भार सार्वजनिक बैंकों पर पड़ने का अनुमान लगाया गया है। यह चेतावनी दी गई है। इसमें कहा गया है कि सार्वजनिक बैंकों का घाटा मौजूदा वित्त वर्ष में बना रहेगा।

बैंकों ने सामूहिक रूप से वित्त वर्ष 2017 में बांडों की खरीद बिक्री के कारोबार से ही 59,800 करोड़ रुपये का लाभ हुआ था। दस वर्षीय मानक रिटर्न जवरी में बढ़कर 7.60 प्रतिशत हो गया जो कि जुलाई 2017 में 6.50 प्रतिशत था। इस तरह से इसमें 1.10 प्रतिशत की बढोतरी हुई। एजेंसी का कहना है कि विशेषकर बीते छह हफ्तों में बांड ईल्ड में त्वरित तेजी से बैंकों का नुकसान होगा।

 

इसके अनुसार, इससे मार्च तिमाही में बैंकों को प्रतिभूति खरीद फरोख्त की आमदनी में अच्छा खासा नुकसान हो सकता है। इसके छींटे अगले वित्त वर्ष के लाभ पर भी पड़ सकते हैं। इसके अनुसार हमारा मानना है कि आस्तियों पर प्रतिफल 0.30 प्रतिशत रहने से वित्त वर्ष 2018 में बैंकों की लाभप्रदता पर 30,500 करोड़ रुपये असर होगा। 

 

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