By मिथिलेश कुमार सिंह | May 29, 2020
गर्मी का सीजन आ गया है और इस सीजन में आग लगने की घटना घटित होना बेहद सामान्य बात है। चूंकि गर्मी के मौसम में पहले से ही तापमान उच्च स्तर पर होता है, और ऐसे में एक चिंगारी ही उच्च तापमान को आग में बदल देती है।
फायर सेफ्टी इक्विपमेंट्स
जी हां! आग लगना एक ऐसी घटना है जो तमाम सुरक्षा उपायों के बावजूद भी लग ही जाती है। ऐसे में जो जरूरी चीज है, वह यह है कि अगर ऐसी स्थिति आती है तो उस समय बचाव के आपके पास क्या प्रबंध हैं? क्या फायर अलार्मिंग सुविधा आपकी बिल्डिंग में उपलब्ध है?
क्या आग बुझाने के उपकरण आपके बिल्डिंग में मौजूद हैं, जिसमें फायर एक्सटिंग्विशर, रेत इत्यादि गिनाए जा सकते हैं।
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खास बात यह भी है कि यह तमाम इक्विपमेंट्स आप की बिल्डिंग में न केवल मौजूद रहने चाहिए, बल्कि कार्य करने की स्थिति में भी होना चाहिए। इसलिए जरूरी है कि गर्मियों से पहले आप चेक कर लें कि फायर इक्विपमेंट्स ठीक ढंग से कार्य कर रहे हैं या नहीं?
अगर आप फायर फाइटिंग इक्विपमेंट्स नए सिरे से लगवाना चाहते हैं तो उसकी प्रामाणिकता और सर्टिफिकेशन की जांच अवश्य कर लें।
ज्वलनशील पदार्थों से रहें सावधान
अक्सर देखा गया है कि कोई दुर्घटना होती है तो उसके पीछे लापरवाही भी होती है। जैसे किचन में प्रत्येक दिन आग जलती है तो हमें इस बात के प्रति आश्वस्त होना चाहिए कि किचन में दूसरे ज्वलनशील पदार्थ ना रखे जाएँ। इसी प्रकार से जो आपके बिल्डिंग के कॉमन एरियाज हैं, जैसे सीढ़ियां, पार्किंग इत्यादि, वहां पर अक्सर लोग गैर जरूरी सामानों को इकट्ठा कर लेते हैं। ऐसी स्थिति में जब आग लगती है तो यह गैर जरूरी चीजें आग को बढ़ाती ही हैं।
इसीलिए बेवजह कबाड़ इकट्ठा ना करें और अगर उसमें ज्वलनशील पदार्थ है, तो उसको निश्चित रूप से दूर रखें।
शॉर्ट सर्किट से सावधानी जरूरी है
अगर आप आंकड़े देखेंगे तो बिजली से आग लगने की दुर्घटना ही सर्वाधिक होती है। इसका कारण बड़ा साफ होता है और वह है 'ओवरलोड'।
ज्यादातर जो वायरिंग होती है, उससे ज्यादा क्षमता के इक्विपमेंट्स लोग चलाते हैं और परिणाम यह होता है कि शॉर्ट सर्किट की संभावना बढ़ जाती है। इसी प्रकार से अगर कोई बिजली कनेक्शन ढीला है तो उसे गर्मियों से पहले अवश्य चेक कराएं, क्योंकि अगर आप ऐसा नहीं करेंगे तो उसका परिणाम हादसे के रूप में कन्वर्ट हो सकता है।
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निकास के द्वार और बचाव पर ध्यान दें
कई बार ऐसी दुविधा पूर्ण स्थिति आ ही जाती है, कि जब आग लग जाती है और स्थिति इतनी विकराल हो जाती है कि वह बुझाने वश की नहीं रहती, तो ऐसी स्थिति में निकास और बचाव का मार्ग सुरक्षित रहना चाहिए। ऐसे में रास्ता ऐसा होना चाहिए, जिसमें आग पकड़े तो भी निकास का मार्ग बेहद साफ और सुरक्षित रहे।
यह एक बेहद आवश्यक तथ्य है, जिसे हम सब को ध्यान रखना चाहिए और अगर आपात स्थिति आती है तो उससे बचाव में यह काम आ सकता है।
- मिथिलेश कुमार सिंह