By अंकित सिंह | Oct 15, 2026
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को कहा कि बस्तर में नक्सलवाद खत्म हो गया है। उन्होंने वामपंथी उग्रवाद (LWE) के पांच दशकों के दौरान बस्तर के आदिवासी समुदायों द्वारा झेली गई पीड़ा का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि 'सेवा संकल्प अभियान' के तहत सहायक उपकरण वितरण कार्यक्रम से 3,600 से अधिक दिव्यांगजनों को लाभ मिला। केंद्रीय गृह मंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया, जिसमें दिव्यांगजनों (जिनमें नक्सली हिंसा से प्रभावित लोग भी शामिल थे) को सहायक उपकरण बांटे गए।
छत्तीसगढ़ में दशकों से चली आ रही नक्सली हिंसा का आदिवासी समुदायों पर पड़े असर का जिक्र करते हुए, गृह मंत्री ने कहा कि इस इलाके में दिव्यांगजनों की संख्या यह बताती है कि वहां के लोगों ने इस हिंसा के कारण कितनी पीड़ा झेली है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ पर पिछले 5 दशकों के नक्सलवाद का क्या असर पड़ा है, इसका अंदाजा दिव्यांग लोगों की संख्या से लगाया जा सकता है। मानवाधिकारों का इससे बड़ा उल्लंघन और क्या हो सकता है कि कोई IED (विस्फोटक) लगाए और उससे किसी का हाथ या पैर उड़ जाए।
शाह ने कहा कि यह पहल उन राष्ट्रव्यापी कार्यक्रमों का हिस्सा है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकार प्रमुख के रूप में 25 साल पूरे करने के उपलक्ष्य में आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने इस बात पर संतोष जताया कि इस अभियान के तहत नक्सलवाद के कारण दिव्यांग हुए आदिवासी लोगों को कृत्रिम अंग उपलब्ध कराए जा रहे हैं। शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकार प्रमुख के रूप में 25 साल पूरे होने पर, पूरे देश में इस तरह के 'सेवा संकल्प अभियान' चलाए जा रहे हैं। मुझे खुशी है कि इसके तहत छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद की वजह से दिव्यांग हुए आदिवासियों को कृत्रिम अंग दिए जा रहे हैं।