Meen Sankranti 2025: मीन संक्रांति पर स्नान-दान का होता है विशेष महत्व, जानिए मुहूर्त और शुभ योग

By अनन्या मिश्रा | Mar 14, 2025

हिंदू धर्म में फाल्गुन महीने का खास महत्व होता है। इस महीने में कई प्रमुख व्रत और त्योहार मनाए जाते हैं। फाल्गुन में पूर्णिमा तिथि को होली का पर्व मनाया जाा है। वहीं इस महीने आमलकी और विजया एकादशी भी मनाई जाती है। ज्योतिष शास्त्र की मानें, फाल्गुन महीने में सूर्य देव राशि परिवर्तन करेंगे। वहीं आसान शब्दों में समझा जाए, तो फाल्गुन महीने में सूर्य देव मीन राशि में गोचर करेंगे। मीन राशि में सूर्य देव के गोचर करने वाली तिथि से खरमास शुरू होता है। मीन संक्रांति पर स्नान-ध्यान, पूजा, जप-तप और दान किया जाता है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको मीन संक्रांति की तिथि और शुभ मुहूर्त के बारे में बताने जा रहे हैं।

क्या होता है खरमास

इसे भी पढ़ें: Chandra Grahan 2025: होली पर लग रहा साल का पहला खग्रास चंद्र ग्रहण, भारत में सूतक काल नहीं होगा मान्य

सूर्य राशि परिवर्तन

ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक आत्मा के कारक सूर्य देव 14 मार्च 2025 की शाम 06:58 मिनट पर मीन राशि में गोचर करेंगे। इससे पहले 12 फरवरी को सूर्य देव को मकर राशि से निकलकर कुंभ राशि में गोचर करेंगे। इसके बाद 14 मार्च को सूर्य देव मीन राशि में गोचर करेंगे। इससे पहले सूर्य देव 19 फरवरी को शतभिषा और 04 मार्च को पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र में गोचर करेंगे।

मीन संक्रांति शुभ मुहूर्त

वैदिक पंचांग के अनुसार, 14 मार्च के दिन सूर्य मीन राशि में गोचर करेंगे। वहीं इस दिन होली और मीन संक्रांति मनाई जाएगी। इस दिन पुण्यकाल दोपहर 12:39 मिनट से लेकर शाम 06:29 तक है। वहीं महापुण्य काल शाम 04:29 मिनट से लेकर शाम 06:29 मिनट तक है। इसके साथ ही पुण्यक्षण काल शाम 06:59 मिनट पर है। ऐसे में जातक अपने सुविधानुसार स्नान-ध्यान और पूजा-अर्चना कर सकते हैं।

मीन संक्रांति शुभ योग

इसके अलावा मीन संक्रांति पर शिववास योग का भी निर्माण हो रहा है। इस योग का निर्माण दोपहर 12:23 मिनट कसे है। माना जाता है कि देवों के देव महादेव कैलाश पर मां गौरी के साथ रहेंगे। इस दिन उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र का संयोग है।

प्रमुख खबरें

कानपुर विमान हादसे से पहले डीजीसीए ने जारी की थी सुरक्षा चेतावनी

नेपाल में बाढ़ राहत के लिए भारत ने भेजी 68.5 टन सामग्री और विशेषज्ञ टीम

FDA पर भड़का Bombay High Court, Cipla और MCA के 5 रेस्टोरेंट के खिलाफ आदेश वापस लेने पड़े

Kajri Teej 2026: जानिए चंद्रमा को Arghya देने का धार्मिक महत्व और Marital Bliss के लिए पारंपरिक पूजा विधि