By अंकित सिंह | Nov 22, 2025
पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद के भरतपुर से विवादास्पद तृणमूल कांग्रेस विधायक हुमायूँ कबीर, जिन्होंने 22 दिसंबर को अल्पसंख्यकों के लिए एक नया संगठन बनाने की धमकी दी है, ने अपनी पार्टी को फिर से हैरान कर दिया है। इस बार उन्होंने 6 दिसंबर को उत्तर प्रदेश के अयोध्या में स्थित मूल बाबरी मस्जिद के विध्वंस की वर्षगांठ पर ज़िले में अपनी प्रस्तावित बाबरी मस्जिद के शिलान्यास के लिए एक युवा विपक्षी विधायक नौशाद सिद्दीकी को आमंत्रित किया है।
उन्होंने आगे कहा कि चूँकि यह कार्यक्रम बहुत पहले से तय था, इसलिए मेरे लिए कोलकाता में टीएमसी द्वारा आयोजित बाबरी मस्जिद एकजुटता रैली में शामिल होना संभव नहीं है। मैंने पहले ही मुस्लिम धर्मगुरुओं के साथ अपने कार्यक्रम में शामिल होने का वादा किया है। हालाँकि सिद्दीकी ने अभी तक कबीर के निमंत्रण पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन राजनीतिक हलकों में उत्सुकता है कि क्या विधानसभा चुनावों से पहले सत्तारूढ़ और विपक्षी विधायकों को एक ही धार्मिक आयोजन में एक मंच पर देखा जाएगा।
हालांकि, इसको लेकर सियासी बवाल मच चुका है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कि यह टीएमसी की तुष्टिकरण की राजनीति है। टीएमसी का मतलब अब 'तुष्टि कारण मुझे चाहिए' है... यह विवादास्पद हुमायूं कबीर, जो कहता है कि वह हिंदुओं को काटकर भागीरथ में फेंक देगा, अब एक और विवादास्पद बयान दे रहा है क्योंकि उनका दर्शन है, 'हिंदुओं को गली दो और वोट बैंक की ताली लो।' ये वही लोग हैं जो 'जय श्री राम', राम मंदिर का विरोध करते हैं, जिन्होंने 'माँ सीता', 'माँ दुर्गा', 'माँ काली' का अपमान किया है और कहते हैं कि सनातन को खत्म कर देना चाहिए। ये वही लोग हैं जो वोट बैंक की राजनीति के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं, चाहे वह वक्फ, सीएए, एसआईआर पर भड़काना हो या इस तरह की चीजें करना हो।
कांग्रेस नेता उदित राज ने कहा कि अगर मंदिर की आधारशिला रखी जा सकती है, तो मस्जिद की आधारशिला रखने में क्या समस्या है? जो लोग इसका विरोध कर रहे हैं, वे निरर्थक अटकलें लगा रहे हैं... यही इस देश और सभी देशों में धार्मिक स्वतंत्रता है।