By अनन्या मिश्रा | Nov 17, 2025
रोजाना सुबह आसानी से पेट का खुलकर साफ होना हेल्दी गट हेल्थ की निशानी होती है। लेकिन अगर आपका रोजाना पेट खुलकर साफ नहीं होता है और टॉयलेट सीट पर बैठकर पेट साफ करना जंग लगता है, तो इसका सीधा और साफ मतलब है कि आपका पाचन सही नहीं है। डाइट में फाइबर की कमी, नींद पूरी न होना, तनाव, फिजिकल एक्टिविटी कम होना या फिर किसी दवाओं के रिएक्शन की वजह से भी मल कड़ा हो जाता है, जिस कारण पेट साफ होने में मुश्किल होती है।
अगर आप रोजाना सुबह मलासन में बैठकर गुनगुने पानी में घी मिलाकर इसको पीती हैं, तो आपका पेट आसानी से साफ हो जाएगा। दरअसल, देसी घी एक नेचुरल लुब्रिकेंट की तरह काम करता है और इससे मल मुलायम होता है और आसानी से बाहर निकलता है।
घी में ब्यूरेटिक एसिड और हेल्दी फैट्स पाए जाते हैं। वहीं गुनगुने पानी में देसी घी मिलाकर पीने से डाइजेस्टिव एंजाइम्स एक्टिव होते हैं। आंतों की दीवारें चिकनी होती हैं, ऐसे में इसका सेवन करने से पेट आसानी से साफ होता है।
मलासन में बैठकर यह ड्रिंक पीने से अब्डोमिनल नसों पर प्रेशर पड़ता है और कब्ज की समस्या से राहत मिलती है। यह आसन पेट को साफ करने में सहायता करता है। लेकिन जब आप इस तरह से बैठकर गुनगुने पानी में घी मिलाकर पीते हैं, तो पेट आसानी से साफ होता है।
कब्ज की समस्या को दूर करने में सूखा आलूबुखारा भी काफी असरदार होता है। आलूबुखारा में मौजूद सॉल्यूबल फाइबर मल को आसानी से बाहर निकालने में सहायता करता है।
सूखा आलूबुखारा पाचन को बेहतर बनाने के साथ गट को हेल्दी रखता है। वहीं इसका सेवन करने से पेट आसानी से साफ हो जाता है।
एक्सपर्ट की मानें, तो आप कब्ज की समस्या से राहत पाने के लिए दिन में 2-3 सूखे आलूबुखारा खा सकती हैं।
कब्ज की समस्या दूर करने के लिए सौंफ का पानी पीना चाहिए। सौंफ का पानी डाइजेशन को सुधारता है और यह नेचुरल लैक्सेटिव की तरह काम करता है। यह मल को मुलायम करके आसानी से बाहर निकालता है।
यह डाइजेस्टिव एंजाइम्स को एक्टिव करता है। इसका सेवन करने से अपच, गैस, एसिडिटी, ब्लोटिंग और सीने में जलन की समस्या दूर होती है।
सौंफ के पानी का सेवन करने से आंतें क्लीन होती हैं और पेट में खाने की मूवमेंट भी आसान बनती है।