Jasprit Bumrah की Grade पर BCCI में मंथन, Central Contract System में हो सकता है बड़ा फेरबदल

By Ankit Jaiswal | Mar 18, 2026

भारतीय क्रिकेट में इस समय खिलाड़ियों के केंद्रीय कॉन्ट्रैक्ट को लेकर हलचल देखने को मिल रही है, क्योंकि हाल ही में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने अपनी कॉन्ट्रैक्ट प्रणाली में बड़ा बदलाव किया है। बता दें कि बोर्ड ने इस बार शीर्ष श्रेणी को ही हटा दिया, यह कहते हुए कि उस स्तर के लिए पर्याप्त खिलाड़ी मौजूद नहीं हैं।

गौरतलब है कि पहले की व्यवस्था में शीर्ष श्रेणी के खिलाड़ियों को सात करोड़ रुपये मिलते थे, जबकि उससे नीचे की श्रेणियों में क्रमशः पांच करोड़, तीन करोड़ और एक करोड़ रुपये का प्रावधान था। हालांकि इस बार बोर्ड ने नई सूची जारी करते समय रकम का खुलासा नहीं किया, जिससे खिलाड़ियों के बीच भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

बता दें कि शीर्ष श्रेणी के लिए वही खिलाड़ी पात्र माने जाते थे जो तीनों प्रारूपों में नियमित रूप से खेलते हों और विश्व रैंकिंग में शीर्ष दस में शामिल हों। लेकिन हाल के समय में रोहित शर्मा और विराट कोहली ने कुछ प्रारूपों से संन्यास लिया, वहीं रविंद्र जडेजा भी एक प्रारूप से बाहर हो गए, जिससे यह श्रेणी लगभग खाली हो गई।

ऐसी स्थिति में जसप्रीत बुमराह को भी इस बार एक स्तर नीचे रखा गया है, जबकि वह अब भी तीनों प्रारूपों में टीम के प्रमुख खिलाड़ी बने हुए हैं। सूत्रों के अनुसार बोर्ड इस बात पर विचार कर रहा है कि बुमराह की अनुबंध राशि में कमी करना उचित नहीं होगा और इसके लिए अलग से समाधान निकाला जा सकता है।

वहीं अक्षर पटेल का मामला भी चर्चा में है। बता दें कि उन्होंने पिछले सत्र में सीमित ओवरों के क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन उन्हें सबसे निचली श्रेणी में रखा गया है। मौजूद जानकारी के अनुसार वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष खिलाड़ियों में शामिल रहे हैं, ऐसे में उनके अनुबंध को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

गौरतलब है कि कुछ अन्य खिलाड़ी जैसे केएल राहुल, मोहम्मद सिराज, हार्दिक पांड्या और ऋषभ पंत को भी एक स्तर नीचे किया गया है, जबकि उन्होंने हाल के समय में अच्छा प्रदर्शन किया है। खासतौर पर इंग्लैंड दौरे पर टेस्ट क्रिकेट में इन खिलाड़ियों का प्रदर्शन सराहनीय रहा था।

मौजूद जानकारी के अनुसार बोर्ड आमतौर पर खिलाड़ियों की चोट को ध्यान में रखते हुए उन्हें नुकसान नहीं पहुंचाता, लेकिन इस बार नई व्यवस्था के कारण कई सवाल खड़े हो गए हैं। बता दें कि पिछले सत्र में भारतीय टीम ने सीमित ओवरों के क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन किया, जबकि टेस्ट क्रिकेट में उतार-चढ़ाव देखने को मिला।

कुल मिलाकर अब नजर इस बात पर टिकी है कि बोर्ड अनुबंध की राशि और मानदंड में क्या बदलाव करता है। गौरतलब है कि यह फैसला खिलाड़ियों की आय और मनोबल दोनों पर असर डाल सकता है, ऐसे में आने वाले समय में इसमें संशोधन की संभावना जताई जा रही है।

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