BCCI और राज्य संघ Sports Governance Act के तहत क्यों नहीं? Supreme Court का बड़ा सवाल

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Sep 09, 2026

उच्चतम न्यायालय ने भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (बीसीसीआई) और प्रदेश क्रिकेट संघों से पूछा है कि वे राष्ट्रीय खेल प्रशासन अधिनियम 2025 के दायरे में क्यो नहीं आ सकते। मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और वी मोहना ने मंगलवार को बीसीसीआई के मामले में कुछ क्रिकेट ईकाइयों द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान यह बात कही। पीठ ने बीसीसीआई और प्रदेश संघों के वकीलों से यह भी कहा कि वे इस बारे में निर्देश लें कि उनके पदाधिकारियों की सेवा की शर्ते 2025 के उस अधिनियम के तहत क्यो नहीं आनी चाहिये जो अब लागू हो चुका है।

न्यायालय ने बीसीसीआई के ढांचे, संगठन और कामकाज में सुधार से जुड़ी समिति की अनुशंसाओं को स्वीकार कर लिया था। न्यायालय ने सितंबर 2022 में बीसीसीआई के संविधान में बदलाव की मंजूरी दी थी और कहा था कि कोई पदाधिकारी लगातार 12 साल तक पद पर रह सकता है। इसमें तीन साल के कूलिंग ऑफ पीरियड (अनिवार्य ब्रेक) से पहले राज्य संघ में छह साल और बीसीसीआई में छह साल का कार्यकाल शामिल है।

इसमें कहा गया था कि कोई पदाधिकारी किसी पद पर लगातार दो कार्यकाल पूरे कर सकता है जिसमें बीसीसीआई और प्रदेश संघ स्तर पर कार्यकाल शामिल है। इसके बाद उसे तीन साल का अनिवार्य ब्रेक लेना होगा।

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