By अंकित सिंह | Jul 22, 2025
एक बड़े बदलाव के तहत, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) अब राष्ट्रीय खेल प्रशासन विधेयक के दायरे में आएगा, जिसे बुधवार 23 जुलाई को संसद में पेश किया जाएगा। खेल मंत्रालय के एक शीर्ष सूत्र ने पुष्टि की है कि विधेयक के कानून बन जाने के बाद, बीसीसीआई प्रस्तावित राष्ट्रीय खेल बोर्ड (एनएसबी) के दायरे में आ जाएगा, भले ही इस क्रिकेट संस्था को सरकारी धन प्राप्त नहीं होता है। एक सूत्र ने बताया कि सभी राष्ट्रीय खेल महासंघों (एनएसएफ) की तरह, बीसीसीआई को भी इस विधेयक के कानून बनने के बाद देश के कानून का पालन करना होगा। वे मंत्रालय से धन नहीं लेते, बल्कि संसद का एक अधिनियम उन पर लागू होता है।
राष्ट्रीय खेल बोर्ड (एनएसबी) को पूरी तरह से केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त किया जाएगा। इसके पास व्यापक अधिकार होंगे कि वह शिकायतों के आधार पर या ‘अपने विवेक’ से चुनावी अनियमितताओं से लेकर वित्तीय गड़बड़ी तक के उल्लंघनों के लिए खेल संघों को मान्यता प्रदान करे या निलंबित भी करे। इस विधेयक में प्रशासकों की आयु सीमा के पेचीदा मुद्दे पर कुछ रियायत दी गई है जिसमें 70 से 75 वर्ष की आयु के लोगों को चुनाव लड़ने की अनुमति दी गई है बशर्ते संबंधित अंतरराष्ट्रीय संस्थायें आपत्ति नहीं करें। एनएसबी में एक अध्यक्ष होगा और इसके सदस्यों की नियुक्ति केंद्र सरकार द्वारा की जाएगी। यह नियुक्तियां एक खोज-सह-चयन समिति की सिफारिशों के आधार पर की जाएंगी।