बीवी को पीटना गैरकानूनी नहीं! बस हड्डी नहीं टूटनी चाहिए, तालिबान के इस कानून से पाकिस्तान में पसरा सन्नाटा

By अभिनय आकाश | Feb 20, 2026

पाकिस्तान की हर बेगम इन दिनों खौफ में है। डर सिर्फ तालिबान का नहीं बल्कि खौफ नए तालिबानी कानून का है। सुनने में आपको यह कोई पुरानी खबर लग रही होगी कि अफगानिस्तान में तालीबानियों के राज में यह भला कौन सी नई बात है। पहले भी ऐसी खबरें आई हैं जिसमें महिलाओं को सरेआम कोड़े मारने, पत्थर से मारने और यहां तक कि सिर कलम करने जैसी घटनाएं खुलेआम होती हैं। ऐसी सजाओं से भला कौन खौफ नहीं खाएगा। लेकिन अफगानी बेगमों का यह खौफ ऐसी सख्त अमानवीय सजाओं तक सीमित नहीं बल्कि डर है हर रोज पीटे जाने का। अफगानिस्तान में काला कानून बीवी को पीटना गैरकानूनी नहीं। 90 पेज का तालीबानी फरमान बीवियों को पीटो बस जख्म ना दिखे। यानी तालीबानियों का अफगानिस्तान एक ऐसा मुल्क हो गया है जहां एक छोटी सी शर्त पूरी कर ली तो औरतों को पीटना कानूनी अपराध नहीं।

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तालिबानियों के सत्ता में आने से पहले अफगानिस्तान में घरेलू हिंसा से बचाव के लिए महिलाओं के लिए सख्त कानून थे। 2009 में बनाए गए इस कानून को एलिमिनेशन ऑफ वायलेंस अगेंस्ट वुमेन नाम दिया गया था। लेकिन तालिबान सरकार ने 17 साल पुराने कानून को रद्द कर दिया है। और विडंबना देखिए कि जिस अफगानिस्तान में महिलाओं को अकेले बाहर जाने की इजाजत नहीं वो पति की हिंसा के बाद कोर्ट कैसे जाएगी। यहां भी उसे अपने किसी रिश्तेदार को साथ ले जाना होगा और अगर चोट लगी है तो अदालत में उसे दिखाना होगा। लेकिन दूसरे तालीबानी कानूनों की वजह से कोई भी महिला ना तो भीड़ में बुर्का उतार सकती है ना कपड़े हटा सकती है तो फिर उन्हें हिंसा के बदले न्याय कैसे मिलेगा?

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