महबूबा मुफ्ती ने लगाया सरकार पर आरोप, कहा-‘बलि का बकरा’ बन गये हैं मुख्यधारा के राजनीतिक दल

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jan 03, 2021

श्रीनगर। केंद्र सरकार पर जम्मू कश्मीर के मुख्यधारा के राजनीतिक दलों को दबाने का आरोप लगाते हुए पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने रविवार को कहा कि दु:ख की बात है कि ये दल ‘बलि का बकरा’ बन गये हैं और ‘‘हर कोई उन पर ठीकरा फोड़ रहा है।’’ पीडीपी नेता ने कहा कि इन सबके बावजूद वे संविधान के अनुच्छेद 370 की बहाली के लिए एक ‘लंबी और कठिन राजनीतिक लड़ाई’ लड़ने के लिए तैयार हैं जिसे ‘गैरकानूनी तरीके से हटाया गया था’। महबूबा ने कहा, ‘‘दु:ख की बात है कि मुख्यधारा बलि का बकरा बन गयी है और सब उस पर ठीकरा फोड़ रहे हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘सच यह है कि हम अपना पूरा राजनीतिक जीवन दिल्ली की तरफ से लग रहे पाकिस्तान समर्थक होने के आरोपों और कश्मीर से भारत विरोधी तथा कश्मीर विरोधी होने के आरोपों से लड़ते हुए बिता देंगे।’’

इसे भी पढ़ें: सीरम इंस्टीट्यूट देश में कोरोना वायरस का टीका उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह से तैयार

महबूबा ने कहा, ‘‘अगर संसद का फैसला ही अंतिम होता तो लाखों लोग सीएए या कृषि विधेयकों जैसे कानूनों के खिलाफ सड़कों पर नहीं उतरे होते।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमसे जो भी असंवैधानिक तरीके से छीना गया है उसे लौटाना होगा, लेकिन यह लंबी और कठिन राजनीतिक लड़ाई होगी।’’ पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में जिला विकास परिषद (डीडीसी) के चुनावों में 280 सीटों में से 112 पर गुपकर गठबंधन (पीएजीडी) की जीत ने दिखा दिया है कि जनता ने अनुच्छेद 370 को समाप्त किये जाने के फैसले को स्पष्ट रूप से नकार दिया है। उन्होंने कहा, ‘‘डीडीसी चुनाव अचानक से हमारे सामने चुनौती की तरह पेश किये गये और हमें समान अवसर नहीं प्रदान किये गये। हमने सीधी टक्कर ली और एकजुट होकर चुनाव लड़ा ताकि भाजपा और उसके छद्म दलों को कोई लोकतांत्रिक स्थान नहीं मिले तथा हमारे लोगों को कमजोर करने से उन्हें रोका जा सके।’’

महबूबा ने कहा, ‘‘लेकिन भाजपा ने चुनाव में अनुच्छेद 370 के मुद्दे को उठाकर इसे एक जनमत संग्रह बना दिया। इसलिए लोगों ने सामूहिक रूप से हमारे गठबंधन के लिए वोट दिया और स्पष्ट कर दिया कि वे पांच अगस्त, 2019 के गैरकानूनी फैसले को खारिज करते हैं।’’ उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 को समाप्त करने तथा पूर्ववर्ती राज्य को विभाजित करने के फैसले से जनता पूरी तरह स्तब्ध और ठगा हुआ महसूस कर रही थी।

पीडीपी अध्यक्ष ने कहा कि इस फैसले ने जम्मू कश्मीर के लोगों का देश से अलगाव और बढ़ा दिया तथा कश्मीर मुद्दे को और अधिक जटिल बना दिया। उन्होंने कहा, ‘‘आगे का रास्ता सभी पक्षों के साथ सुलह और संवाद का तथा देश की संप्रभुता से समझौता किये बिना समाधान के लिए अनेक विकल्पों पर विचार-विमर्श करने का और साथ ही उसी समय जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने का भी है।’’ पूर्ववर्ती राज्य में सरकार बनाने के लिए पीडीपी के भाजपा के साथ गठबंधन के बारे में पूछे जाने पर महबूबा ने कहा, ‘‘मेरे पिता (मुफ्ती मोहम्मद सईद) ने सबकुछ दांव पर लगाकर एक व्यापक उद्देश्य से गठबंधन बनाने के लिए भाजपा से बातचीत का प्रयास किया था।’’ उन्होंने कहा कि वह 2018 में भाजपा के गठबंधन तोड़ने के फैसले से निराश नहीं थीं।

प्रमुख खबरें

Karnataka Congress Crisis | कर्नाटक में सत्ता की खींचतान! कांग्रेस आलाकमान का बड़ा कदम, सीएम सिद्धारमैया दिल्ली तलब

India-US Relations | भारत हम पर 100% भरोसा कर सकता है: पीएम मोदी के लिए डोनाल्ड ट्रंप का विशेष संदेश

Jammu and Kashmir: शोपियां में NIA की बड़ी कार्रवाई, प्रतिबंधित दारुल उलूम सिराजुल उलूम और पूर्व जमात प्रमुख के घर पर छापेमारी

महंगाई की चौतरफा मार! ईंधन की कीमतों में फिर भारी उछाल, दिल्ली में पेट्रोल 102 और डीजल 95 के पार