Jammu and Kashmir: शोपियां में NIA की बड़ी कार्रवाई, प्रतिबंधित दारुल उलूम सिराजुल उलूम और पूर्व जमात प्रमुख के घर पर छापेमारी

By रेनू तिवारी | May 25, 2026

राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने दारुल उलूम सिराजुल उलूम समेत जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले में दो स्थानों पर सोमवार को छापे मारे। दारुल उलूम सिराजुल उलूम को पिछले महीने अवैध इकाई घोषित किया गया था। अधिकारियों ने बताया कि एनआईए के अधिकारियों ने शोपियां के इमाम साहिब इलाके में स्थित इस विद्यालय में तड़के छापा मारा। यह शिक्षण संस्थान सैकड़ों छात्रों को धार्मिक और औपचारिक, दोनों तरह की शिक्षा देता है। अधिकारियों ने बताया कि एनआईए की एक अन्य टीम ने प्रतिबंधित जमात-ए-इस्लामी के पूर्व प्रमुख शहजादा औरंगजेब के जिले के मोलू चित्रगाम में स्थित घर पर भी छापा मारा।

पूर्व जमात प्रमुख के आवास की तलाशी

इसी कार्रवाई के तहत एनआईए की दूसरी टीम ने शोपियां जिले के ही मोलू चित्रगाम इलाके में छापेमारी की। यह छापा प्रतिबंधित संगठन जमात-ए-इस्लामी के पूर्व प्रमुख शहजादा औरंगजेब के आवास पर मारा गया। सुरक्षा बलों की भारी मौजूदगी के बीच एजेंसी के अधिकारियों ने घर के कोने-कोने की तलाशी ली और महत्वपूर्ण दस्तावेजों व डिजिटल साक्ष्यों को खंगाला।

क्यों हो रही है यह कार्रवाई?

सूत्रों के मुताबिक, यह छापेमारी टेरर फंडिंग (Aatankwadi Vittposhan) और घाटी में राष्ट्रविरोधी गतिविधियों को बढ़ावा देने के संदिग्ध नेटवर्क को तोड़ने के लिए की गई है। प्रशासन का आरोप है कि कुछ संस्थान और व्यक्ति युवाओं को कट्टरपंथी बनाने और प्रतिबंधित संगठनों के एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए जमीन तैयार कर रहे थे।

सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, छापेमारी की इस प्रक्रिया के दौरान कुछ अहम दस्तावेज और सामग्री जब्त की गई है, जिसकी विस्तृत जांच की जा रही है। फिलहाल इस मामले में आधिकारिक तौर पर विस्तृत विवरण आना बाकी है। 

Read Latest National News in Hindi only on Prabhasakshi  

प्रमुख खबरें

World Cup के बीच Barcelona में बड़ी हलचल, Lamine Yamal के बयान से Transfer Market में मची खलबली

अमेरिकी बेस पर Iran का बड़ा Missile Attack, Jordan ने हवा में ही किया नाकाम, तनाव चरम पर

Sanju Samson को बाहर करने पर R Ashwin का BCCI पर बड़ा हमला, बोले- यह सरासर नाइंसाफी है

Argentina की जीत पर Egypt का हंगामा, रेफरी विवाद पर FIFA का कड़ा जवाब- हमारे फैसलों पर सवाल न उठाएं।