बीजिंग ने ट्रंप के जहाज को खदेड़ दिया, बीच समुंदर जब भिड़ी US-China की सेना, जानें क्या हुआ?

By अभिनय आकाश | Aug 14, 2025

एक तरफ डोनाल्ड ट्रंप का टैरिफ वॉर कई देशों में हड़कंप मचा रहा है तो दूसरी तरफ चीन और अमेरिका के बीच दक्षिण चीन सागर में एक युद्ध शुरू हो गया है। दक्षिण चीन सागर में अमेरिका और चीन एक बार फिर आमने सामने आ गए हैं और टकराव की स्थिति देखने को मिली है। चीनी सेना का दावा है कि उसने स्कार्बोरोशोल के पास गश्त करते एक अमेरिकी विध्वंसक युद्धपोत को निगरानी में लिया और खदेड़ दिया। चीन ने कहा है कि अमेरिका की ये कार्रवाई चीन की संप्रभुता और सुरक्षा का गंभीर उल्लंघन है। दक्षिण चीन सागर में शांति और स्थितरता को ये गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाती है। यानी की साउथ चाइना सी में दोनों देश आमन सामने आ गए हैं। अमेरिकी नौसेना ने अपनी तैनाती को अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप बताया। अमेरिका ने कहा कि ये नैविगेशन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए की गई थी, लेकिन चीन के द्वारा कदम उठाते हुए उन्हें खदेड़ दिया गया।

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चीन की तरफ से दावा ये किया जा रहा है कि अमेरिकी युद्धपोतों को वहां से खदेड़ दिया गया। 12 अगस्त  को फिलीपींस की एक गश्ती नाव का पीछा करते हुए एक चीनी युद्धपोत अपने ही एक तटरक्षक पोत से टकरा गया था। चीन अपनी नाइन-डैश-लाइन के तहत लगभग पूरे दक्षिण चीन सागर पर अपना दावा करता है, जो नीदरलैंड की एक अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता अदालत के 2016 के उस फैसले को खारिज करता है जिसमें बीजिंग के दावों का कोई कानूनी या ऐतिहासिक आधार नहीं पाया गया था। दक्षिण चीन सागर में चीनी और फिलिपिनो जहाजों के बीच कई झड़पें हुई हैं, फिलीपींस ने पिछले साल बीजिंग की सेना पर फिलीपींस के जहाजों का पीछा करने और एक अन्य विवादित चट्टान के पास गश्त कर रहे विमानों पर लेज़र दागने का आरोप लगाया था।

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फ़िलिपीनो अधिकारियों के अनुसार, झड़पों में नावों की टक्कर, पानी की बौछारें और फ़िलिपीनो नाविकों के घायल होने की घटनाएँ शामिल हैं। मई 2024 में फ़िलिपीनी राष्ट्रपति फ़र्डिनेंड मार्कोस जूनियर ने कहा था कि अगर दक्षिण चीन सागर में चीनी तटरक्षक बल के साथ किसी घटना में किसी फ़िलिपीनी नागरिक की मौत हो जाती है, तो यह लगभग निश्चित रूप से एक रेड लाइन होगी और युद्ध की कार्रवाई के बहुत, बहुत क़रीब होगी। उन्होंने अमेरिकी सेनाओं का ज़िक्र करते हुए कहा  मेरा मानना है कि हमारे संधि साझेदार भी इसी मानक को मानते हैं। वाशिंगटन की मनीला के साथ 1951 से एक पारस्परिक रक्षा संधि है, जिसके अनुसार प्रशांत क्षेत्र में फ़िलिपींस या अमेरिका पर हमला दूसरे पर हमला माना जाएगा। 

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