By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jun 11, 2023
पश्चिम बंगाल पंचायत चुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने के दूसरे दिन शनिवार को भी हिंसा जारी रही तथा विपक्षी दलों- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), कांग्रेस और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने आरोप लगाया कि राज्य में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के कार्यकर्ताओं और ‘गुंडों’ ने उनके उम्मीदवारों को नामांकनपत्र दाखिल करने से रोका। टीएमसी कार्यकर्ता लिटन हक (30) शनिवार शाम को कूचबिहार जिले के दिनहाटा इलाके में एक झड़प में गंभीर रूप से घायल हो गया। उसके परिवार ने आरोप लगाया कि उसे प्रतिदंद्वी गुट के सदस्यों ने गोली मारी, जबकि पुलिस का दावा है कि संपत्ति विवाद को लेकर हुये झड़प के दौरान उसे पीटा गया, उसे गोली नहीं मारी गयी। हक के चचेरे भाई और तृणमूल कार्यकर्ता बप्पा हक ने संवाददाताओं से कहा कि लिटन को पार्टी के एक प्रतिद्वंद्वी गुट के कार्यकर्ताओं ने गोली मार दी थी, जिसने स्थानीय ग्राम पंचायत सीट के लिए उनके रिश्तेदार बाबला हक की उम्मीदवारी का विरोध किया था।
पहले दिन शुक्रवार को मुर्शिदाबाद जिले में एक कांग्रेस नेता की कथित तौर पर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के गुंडों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। हालांकि सत्तारूढ दल तृणमूल कांग्रेस ने इन आरोपों से इनकार किया है। दूसरे दिन बांकुड़ा, पूर्व, पश्चिम बर्धमान, बीरभूम और मुर्शिदाबाद जैसे कई जिलों से सत्ताधारी और विपक्षी दलों के कार्यकर्ताओं के बीच हाथापाई होने और हिंसा की खबरें हैं। तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य और पार्टी प्रवक्ता शांतनु सेन ने कहा कि विपक्ष को 2021 के विधानसभा चुनाव और कई विधानसभा और एक लोकसभा सीट पर उपचुनाव में हार का सामना करना पड़ा था। ये सभी चुनाव केंद्रीय बलों की उपस्थिति में कराए गए थे। उन्होंने कहा, ‘‘बंगाल के लोग भाजपा, कांग्रेस या माकपा के साथ नहीं, बल्कि तृणमूल के साथ चट्टान की तरह खड़े हैं। विपक्ष यदि चाहे तो संयुक्त राष्ट्र से पंचायत चुनाव में शांति सैनिकों की बहाली की तैनाती की मांग कर सकता है। ’’ राज्य में पंचायत चुनाव आठ जुलाई को होंगे।