By अंकित सिंह | Sep 20, 2022
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान इन दिनों खूब सुर्खियों में है। दरअसल, भगवंत मान 11 से 18 सितंबर तक जर्मनी के दौरे पर थे। इन सबके बीच विपक्ष की ओर से भगवंत मान को लेकर बड़ा दावा किया गया। विपक्ष ने आरोप लगाया कि नशे में धुत होने के कारण भगवंत मान को फ्रेंकफर्ट में लुफ्थांसा के विमान से उतार दिया गया। इतना ही नहीं, मान पर सीधे तौर पर आरोप लगाया गया कि वह पूरी तरह से नशे में थे जिसकी वजह से फ्लाइट उड़ान भरने में देरी हुई। विपक्ष की ओर से पूरे मामले को लेकर केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से भी सवाल पूछा गया। विपक्ष ने सिंधिया से पूरे मामले की जांच कर जवाब की मांग की थी।
विपक्ष का दावा
शिरोमणि आकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने ट्वीट कर कहा कि सह-यात्रियों के हवाले से मीडिया में आई परेशान करने वाली खबरों में कहा गया है कि पंजाब के मुख्यमंत्री मान को लुफ्थांसा की उड़ान से उतार दिया गया क्योंकि वह बहुत ज्यादा नशे में थे। इससे उड़ान में चार घंटे की देरी हुई। वह ‘आप’ के राष्ट्रीय अधिवेशन से चूक गए। इन खबरों ने दुनिया भर के पंजाबियों को शर्मसार किया है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि हैरानी की बात यह है कि पंजाब सरकार मुख्यमंत्री मान के बारे में इन खबरों पर चुप्पी साधे है। अरविंद केजरीवाल को इस मुद्दे पर स्पष्टीकरण देने की जरूरत है। भारत सरकार को कदम उठाना चाहिए क्योंकि इसमें पंजाबी और राष्ट्रीय गौरव की बात है। यदि उन्हें विमान से उतारा गया था, तो भारत सरकार को अपने जर्मन समकक्ष के साथ इस मुद्दे को उठाना चाहिए।