By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Sep 19, 2026
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शनिवार को कहा कि वह पराली जलाने के लिए किसानों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज किए जाने के पक्ष में नहीं हैं। मान ने जोर देकर कहा कि धान उत्पादकों को अपनी फसल के अवशेषों में आग न लगाने के लिए नकद प्रोत्साहन राशि मिलनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने यह टिप्पणी पंजाब में धान की कटाई का सीजन शुरू होने से ठीक कुछ दिन पहले की है।
पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (पीएयू) के दो दिवसीय किसान मेले का शुक्रवार को उद्घाटन करने के बाद मान ने इस बात पर दुख जताया कि धान की पराली जलाकर दिल्ली में वायु प्रदूषण फैलाने के लिए हमेशा पंजाब के किसानों को ही जिम्मेदार ठहराया जाता है। मान ने कहा, केंद्र का कहना है कि पंजाब ने राष्ट्रीय अनाज भंडार में 180 लाख मीट्रिक टन धान का योगदान दिया है। लेकिन वे (केंद्र) यह नहीं सोचते कि इस 180 लाख मीट्रिक टन में से कितनी पराली निकलती है।
वे (केंद्र) प्राथमिकी दर्ज करने का सुझाव देते हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने केंद्र को अवगत करा दिया है कि किसान खुद पराली नहीं जलाना चाहते, क्योंकि इससे निकलने वाले धुएं का सीधा असर उन पर भी पड़ता है। मान ने दोहराया कि उन्होंने केंद्र को बताया है कि किसानों को धान की पराली के प्रबंधन के लिए वित्तीय प्रोत्साहन दिया जाना चाहिए।