Bhagwant Mann ने Beant Singh हत्याकांड के दोषी हवारा की पैरोल पर राज्यपाल से की मुलाकात

By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 13, 2026

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बुधवार को राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात कर 1995 में तत्कालीन मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या के दोषी जगतार सिंह हवारा को पैरोल प्रदान किए जाने को लेकर हस्तक्षेप का अनुरोध किया। उम्रकैद की सजा काट रहे हवारा ने अपनी बीमार मां से मिलने का हवाला देते हुए पैरोल की गुहार लगाई है। पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता रवनीत सिंह बिट्टू ने भी मानवीय आधार पर पैरोल की याचिका का समर्थन किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यपाल ने उन्हें आश्वासन दिया है कि वह इस मामले को केंद्रीय गृह सचिव के समक्ष उठाएंगे। मुख्यमंत्री की राज्यपाल के साथ यह बैठक कटारिया को लिखे उस पत्र के कुछ दिनों बाद हुई है, जिसमें उन्होंने मानवीय आधार पर हवारा को 10 दिन की पैरोल देने की वकालत की थी। मान ने कहा, ‘‘मैं उसी सिलसिले में उनसे (राज्यपाल) मिला था।

राज्यपाल चंडीगढ़ के प्रशासक भी हैं। वह सिर्फ सिफारिश करेंगे और उसके बाद गृह मंत्रालय फैसला लेगा।’’ मान ने कहा, ‘‘हमने 10 दिन की पैरोल के लिए पत्र लिखा था। लेकिन यह केंद्र सरकार तय करेगी कि कितने दिनों की पैरोल देनी है।’’ मुख्यमंत्री ने कहा कि हवारा की मां अपने बेटे से मिलना चाहती हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘जब भी उनके सामने हवारा का नाम लिया जाता है, तो वह प्रतिक्रिया देती हैं। वह अपने बेटे से मिलना चाहती हैं।’’ मुख्यमंत्री ने राज्यपाल से कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने की पूरी ज़िम्मेदारी उनकी सरकार की है। उन्होंने कहा,‘‘जगतार सिंह हवारा के घर आने के दौरान कानून-व्यवस्था की स्थिति की पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार लेगी।

उनके समर्थकों और परिवार के सदस्यों ने भी इस मामले में राज्य सरकार को पूरा सहयोग देने का भरोसा दिलाया है।’’ मान ने कहा,‘‘राज्य सरकार कानून-व्यवस्था बनाए रखने और पंजाब में बड़ी मुश्किल से हासिल हुई शांति की रक्षा करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस नेक काम के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। मैंने राज्यपाल को यह भी भरोसा दिलाया है कि केंद्र के साथ इस मामले को आगे बढ़ाने में राज्य सरकार का पूरा समर्थन और सहयोग मिलेगा।’’ मान ने कहा, ‘‘मुझे उम्मीद है कि भाई जगतार सिंह हवारा जी जल्द ही अपनी मां के पास बैठे होंगे।’’ पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने पिछले महीने दिल्ली की मंडोली जेल (जहां हवारा बंद है) के अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे चंडीगढ़ प्रशासन की सिफारिशें लेने के बाद हवारा की पैरोल अर्जी पर एक तय समय-सीमा के भीतर फ़ैसला लें।

हवारा को मौत की सजा सुनाई गई थी, लेकिन उच्च न्यायालय ने इसे उम्रकैद में तब्दील कर दिया था। वह 31 अगस्त 1995 को चंडीगढ़ में सचिवालय के प्रवेश द्वार पर हुए विस्फोट से संबंधित मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा है। इस हमले में बेअंत सिंह और 16 अन्य लोग मारे गए थे।

प्रमुख खबरें

नशे में Pilot! Air India Phuket-Delhi उड़ान के कैप्टन का डोप टेस्ट पॉजिटिव, बढ़ा दबाव

Shahi Kishmish Curry: घर पर झटपट बनाएं Shahi Kishmish Curry, हर कोई करेगा Delicious खाने की तारीफ

Monsoon Session: Kiren Rijiju बोले- 12 बिल पास, पर Debate न होने से दुखी

खड़गे की रैली के बाद शुद्धिकरण पर बवाल: Priyanka Gandhi ने पूछा - यह कैसी Politics?