By दिव्यांशी भदौरिया | Jun 16, 2026
सनातन धर्म में भानु सप्तमी का विशेष महत्व माना जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार, हर माह के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि पर भानु सप्तमी मनाई जाती है। इस दिन सूर्य देव की पूजा-अर्चना करना काफी शुभ माना जाता है।
भानु सप्तमी 2026 डेट और शुभ मुहूर्त
वैदिक पंचांग के मुताबिक ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि 20 जून को दोपहर 3 बजकर 47 मिनट से आरंभ होगी और 21 जून को दोपहर 3 बजकर 21 मिनट पर समाप्त हो जाएगी। उदयातिथि के आधार पर इस वर्ष भानु सप्तमी का व्रत और पूजन 21 जून को किया जाएगा।
ब्रह्म मुहूर्त- 04 बजकर 04 मिनट से 04 बजकर 44 मिनट तक
अभिजत मुहूर्त- सुबह 11 बजकर 55 मिनट से 12 बजकर 52 मिनट तक
विजय मुहूर्त- दोपहर 02 बजकर 43 मिनट से 03 बजकर 38 मिनट तक
गोधूलि मुहूर्त- शाम 07 बजकर 21 मिनट से 07 बजकर 41 मिनट तक
सर्वार्थ सिद्धि योग- सुबह 09 बजकर 31 मिनट से 05 बजकर 24 मिनट तक (22 जून)
कैसे मनाई जाती है?
इस दिन सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करने का विधान है। इसके बाद साफ कपड़े धारण करें। अब तांबे के लोटे में जल, लाल फूल. कुमकुम और अक्षत मिलाकर सूर्य देव को अर्घ्य दें। दीपक जलाकर आरती करें। इसके बाद आदित्य हृदय स्तोत्र या सूर्य चलीसा का पाठ करें। इसके बाद फल और मिठाई का भोग लगाएं। इसके बाद मंदिर या फिर गरीब लोगों में अन्न-धन सहित आदि चीजों का दान करें। माना जाता है कि भानु सप्तमी के दिन साधना करने से जातक को ऊर्जा और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।
भानु सप्तमी के नियम
- इस दिन सुबह स्नान करने के बाद सूर्य देव की विधिवत रुप से पूजा करें।
- भानु सप्तमी पर विशेष चीजों का दान करें।
- किसी से वाद-विवाद न करें।
- इसके अलावा किसी के बारे में गलत न सोचें।
- काले रंग के कपड़े धारण न करें।
- तामसिक भोजन का सेवन न करें।