Astrology Tips: कलाई पर कौन सा कलावा देगा Good Luck? जानें ग्रहों से इसका गहरा Connection

By अनन्या मिश्रा | Jun 16, 2026

सनातन धर्म में किसी भी धार्मिक आयोजन या फिर मांगलिक कार्यक्रम के दौरान कलाई में कलावा बांधा जाता है। कलावा को रक्षासूत्र भी कहा जाता है। जो निगेटिव एनर्जी से आपका बचाव करता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि हाथों में पहनना वाला यह कलावा आपकी एनर्जी पर भी असर दिखाता है। गलत तरीके और रंग का कलावा पहनने से ऊर्जा असंतुलन हो सकती है। जिस कारण व्यक्ति को तनाव और आलस जैसी निगेटिव एनर्जी का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बताने जा रहे हैं कि कलाई पर किस रंग का कलावा पहनना चाहिए और किस रंग के कलावे का किस ग्रह से संबंध होता है।

इसे भी पढ़ें: Bhanu Saptami 2026: 21 June को सर्वार्थ सिद्धि योग का महासंयोग, जानें Puja Rules और शुभ मुहूर्त

काला कलावा

कलाई पर काले रंग का धागा आपको बुरी नजर और काले जादू से बचाता है। अक्सर बच्चों और बुजुर्गों के टखनों पर काला धागा बांधा जाता है। जिससे कि उनको किसी की नजर न लगे। काला धागा बांधने के लिए शनिवार का दिन सबसे अच्छा माना जाता है। वहीं जो लोग शनि दोष से परेशान हैं, उनको अपने हाथों में काला धागा जरूर पहनना चाहिए।

पीला कलावा

जिन भी लोगों को गुरु ग्रह कमजोर है, उनको पीला धागा पहनना चाहिए। पीले रंग का धागा पहनने से बुद्धि, ज्ञान और वाणी से जुड़ी समस्या धीरे-धीरे सही होने लगती है। पीले रंग का धागा कलाई में पहनने के लिए बृहस्पतिवार का दिन सबसे सही माना जाता है।

हरा कलावा

वहीं हरे रंग के कलावे का संबंध बुध ग्रह से होता है। जिन भी लोगों को अपना बुध ग्रह मजबूत करना है, उनको हरे रंग का धागा पहनना चाहिए। इसको पहनने से बुद्धि, संचार और सेहत से जुड़े क्षेत्रों में लाभ मिलता है। वहीं हरे रंग का धागा बुधवार को पहनना चाहिए।

सफेद कलावा

बता दें कि सफेद रंग को पवित्रता और शांति का प्रतीक माना जाता है। ज्योतिष में सफेद रंग का कलावा पहनने से शुक्र और चंद्रमा ग्रह मजबूत होता है। जब शुक्र और चंद्रमा की स्थिति मजबूत होती है, तो जातक को मानसिक शांति मिलती है और निगेटिविटी दूर होती है।

कलावा बांधने के नियम

ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक किसी भी रंग का धागा हाथ में पहनने से पहले इसको गंगाजल से शुद्ध करना चाहिए। पुरुषों को दाहिनी और महिलाओं को बाईं हाथ पर कलावा बांधना चाहिए।

कलावा बांधते समय गायत्री मंत्र का जाप करना चाहिए। हर 21 दिन बाद पुराने कलावे को बदलकर कलाई में नया धागा बांधना चाहिए। वहीं पुराने धागे को इधर-उधर फेंकनी की जगह पेड़ के नीचे दबा देना चाहिए। वहीं अपना पहना हुआ कलावा किसी और से शेयर करने से बचना चाहिए।

प्रमुख खबरें

Tata Motors का सबसे तेज Growth का लक्ष्य, चेयरमैन N Chandrasekaran ने बताया फ्यूचर प्लान

Summer Home Decor: बिना Cooler-AC के घर रहेगा ठंडा, गर्मी भगाने के लिए अपनाएं ये असरदार Home Decor Tricks

Monsoon Destinations in India: पार्टनर संग एक Perfect Weekend के लिए शानदार हैं ये 5 रोमांटिक डेस्टिनेशंस

India A टीम में मजबूरी में बड़ा बदलाव, चोटिल Yudhveer की जगह IPL स्टार Ashok Sharma शामिल