By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Sep 30, 2021
केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने पर्यावरण संरक्षण में आदिवासी समुदाय की भूमिका की सराहना करते हुए बुधवार को कहा कि जनजातियों को एक समुदाय के रूप में समझने की जरूरत है।
मंत्री ने कहा कि जनजाति समुदाय आदिकाल से ही पर्यावरण संरक्षण और पारिस्थितिकी संतुलन बनाए रखने में सबसे आगे रहे हैं। इस भूमिका को ध्यान रखते हुए हाल ही में पर्यावरण मंत्रालय ने जनजातीय कार्य मंत्रालय के साथ मिलकर वन संसाधनों के प्रबंधन में जनजातीय समुदायों को और अधिक अधिकार देने का निर्णय लिया है।
इस मौके पर केंद्रीय राज्य मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते ने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में विकास करने के साथ ही जनजातीय समुदायों से संवाद स्थापित करने की जरूरत है। अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष हर्ष चौहान ने कहा कि जनजाति समुदाय के लिए योजनाएं उनको साथ लेकर ही बननी चाहिए।