By अंकित सिंह | Jul 15, 2023
भारत को एक बार फिर से चीता युक्त बनाने की कोशिश हो रही है। इसके लिए अफ्रीका से चीते लाए गए थे। हालांकि, अब तक आठ चीतों की मौत हो चुकी है। चीतो की मौत पर विपक्षी दलों ने तीखी आलोचना की। उन्होंने सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के "कुप्रबंधन" को जिम्मेदार ठहराया। हाल ही में हुई मौत इस सप्ताह की दूसरी मौत है, जिससे अब एमपी पार्क में मौजूद चीतों की कुल संख्या 16 हो गई है, जिसमें एक शावक भी शामिल है। सवाल यह भी है कि चीतों की मौत को देखते हुए इन्हें कहीं और शिफ्ट किया जा सकता है?
पिछले करीब चार महीनों में आठ चीतों के मौत के बारे में पूछे जाने पर प्रदेश के वन मंत्री विजय शाह ने कहा कि मरने वाले तीन शावक जन्म से ही कुपोषित थे, जबकि अन्य मौतें इनमें मेट या खाने के दौरान लड़ाई में हुई, जो जानवरों में अमूमन होता है। कुप्रबंधन के किसी भी आरोप को खारिज करते हुए शाह ने कहा, ‘‘भारत सरकार, दक्षिण अफ्रीकी सरकार, नामीबिया सरकार, भारत सरकार की पूरी टीम, पूरा हॉक फोर्स चीतों के प्रबंधन में शामिल है और सब कुछ उनके निर्देशों के अनुसार किया जा रहा है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए यह कहना उचित नहीं है कि ये (मौतें) लापरवाही के कारण हुईं। पीएमओ (प्रधानमंत्री कार्यालय) हर चीज पर कड़ी नजर रख रहा है। सब कुछ पीएमओ के निर्देश पर किया जा रहा है। हमारी ओर से कोई लापरवाही नहीं हुई है।’’