By निधि अविनाश | Apr 01, 2022
भुवनेश्वर कलिता एक भारतीय सामाजिक कार्यकर्ता और नेता हैं। साल 2014 में जब कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भुवनेश्वर कलिता को राज्यसभा के लिए एक बार फिर से नामित किया, तो असम में उनके पार्टी सहयोगियों को काफी हैरानी हुई। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को छोड़कर पार्टी ने कभी भी असम के किसी भी नेता को तीन बार से अधिक राज्यसभा नहीं भेजा था। कालिता को फिर से नामित करने के खिलाफ गांधी परिवार पर काफी दबाव भी बनाया गया था लेकिन फिर भी उन्होंने लंबे समय से गांधी परिवार के वफादार के पक्ष में फैसला सुनाया। पांच साल बाद, 5 अगस्त 2019 को कालिता ने राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया और उसके चार दिन बाद वह भाजपा में शामिल हो गए।