By अनन्या मिश्रा | Oct 02, 2024
सर्वपितृ अमावस्या का मुहूर्त
कुतुप मुहूर्त - सुबह 11:46 मिनट से 12:34 मिनट तक
रौहिण मुहूर्त - दोपहर 12:34 मिनट से 01:21 मिनट तक
अपराह्न काल - दोपहर 01:21 मिनट से दोपहर 03:43 मिनट तक
ऐसे में पूजन
इस दिन सुबह जल्दी उठकर किसी पवित्र नदी में स्नान करें। अगर किसी नदी में स्नान करना संभव नहीं है, तो आप नहाने के पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान करें। वहीं पितरों के निमित्त तर्पण और पिंडदान आदि करें। पितरों की कृपा पाने के लिए इस दिन कुत्ते, कौवे, चींटी और गाय आदि के लिए भोजन निकालें। इसके बाद ब्राह्मणों को भोजन करवाएं और क्षमतानुसार दान करें। वहीं गरीबों और जरूरतमंदों को अन्न और कपड़े आदि का दान देना शुभ माना जाता है।
उपाय
सर्वपितृ अमावस्या के मौके पर पीपल के पेड़ की पूजा करना बेहद शुभ माना जाता है। क्योंकि पीपल के पेड़ में पितरों का वास माना जाता है। इसलिए इस दिन पीपल के पेड़ की सात बार परिक्रमा कर पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं और दीपक में काले तिल भी डालें। आप चाहें तो इस दिन किसी मंदिर के बाहर पीपल का पेड़ लगा सकते हैं। ध्यान रहे कि कभी घर के अंदर पीपल का पौधा नहीं लगाना चाहिए। आप इस दिन पितरों के नाम से तुलसी का पौधा लगा सकते हैं।