By अभिनय आकाश | Feb 02, 2026
आज जब पूरी दुनिया में ट्रंप के टेरिफ की वजह से कई बड़ी अर्थव्यवस्थाएं सुस्ती से जूझ रही हैं तो वहीं भारत अपनी आर्थिक ताकत का साफ संकेत दे रहा है। जहां देश की टैक्स व्यवस्था से लेकर घरेलू बाजार और इंपोर्ट तक हर मोर्चे पर मजबूती नजर आ रही है। इसी ताकत की एक बड़ी तस्वीर सामने आई है। जहां जनवरी महीने की जीएसटी आंकड़ों में भारी उछाल देखने को मिला है। जनवरी महीने में देश का जीएसटी कलेक्शन बढ़कर ₹19384 करोड़ तक पहुंच गया है। यह पिछले साल के जनवरी महीने के मुकाबले 6.2% ज्यादा है। सरकार की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक इस बढ़त के पीछे मजबूत घरेलू गतिविधियां और इंपोर्ट से होने वाली अच्छी कमाई की अहम भूमिका है।
अगर पिछले साल की बात करें तो जनवरी 2025 में ग्रॉस जीएसटी कलेक्शन ₹18294 करोड़ था। सीधे-सीधे शब्दों में बताएं तो एक साल में टैक्स वसूली में साफ-साफ इजाफा हुआ है जो अर्थव्यवस्था की रफ्तार को दिखाता है। अप्रैल 2025 से जनवरी 2026 की अवधि में ग्रॉस जीएसटी कलेक्शन बढ़कर 18,83,423 करोड़ पहुंच गया है। सालाना आधार पर इसमें लगभग 8.3% की मजबूत बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सिर्फ ग्रॉस ही नहीं बल्कि नेट जीएसटी रेवेन्यू में भी काफी अच्छी तेजी देखने को मिली है। जनवरी महीने में नेट जीएसटी रेवेन्यू ₹170719 करोड़ रहा है। यह आंकड़ा पिछले साल के इसी महीने के मुकाबले 7.6% ज्यादा है।
वहीं अगर पूरे वित्त वर्ष की बात करें तो अप्रैल से जनवरी के बीच नेट जीएसटी रेवेन्यू ₹15,95,752 करोड़ तक पहुंच गया है। इसमें सालाना के आधार पर लगभग 6.8% की बढ़त दर्ज की गई है। रिफंड के मोर्चे पर स्थिति थोड़ी-मोड़ी मिलती जुलती है। जनवरी महीने में कुल जीएसटी रिफंड ₹2,665 करोड़ दर्ज किया गया है। यह पिछले साल के मुकाबले 3.1% कम है। घरेलू रिफंड में गिरावट देखी गई। यह 7.1% घटकर 13,119 करोड़ रह गया है। वहीं निर्यात से जुड़े रिफंड में बढ़त दर्ज की गई है और यह 2 9% की बढ़ोतरी के साथ ₹9546 करोड़ तक पहुंच गया है। घरेलू बाजार से मिलने वाला जीएसटी संग्रह भी मजबूत हो रहा है।