Supreme Court से BJP सांसद निशिकांत दुबे और मनोज तिवारी को बड़ी राहत, प्राथमिकी रद्द करने का हाईकोर्ट का आदेश बरकरार

By अभिनय आकाश | Jan 21, 2025

सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड उच्च न्यायालय के उस आदेश को बरकरार रखा, जिसमें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के संसद सदस्यों निशिकांत दुबे और मनोज तिवारी के खिलाफ कथित तौर पर देवगढ़ के एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) को उनकी चार्टर्ड फ्लाइट को टेक-ऑफ करने की मंजूरी देने के लिए मजबूर करने का आपराधिक मामला खारिज कर दिया गया था। न्यायमूर्ति अभय एस ओका और न्यायमूर्ति मनमोहन की पीठ ने मामले को पुनर्जीवित करने की झारखंड सरकार की अपील को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि भारतीय दंड संहिता की धारा 441 (आपराधिक अतिक्रमण) और 336 (दूसरों के जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालना) के तहत ऐसा करने का कोई आधार नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य को संबंधित सामग्री को विमान अधिनियम के तहत एक अधिकृत अधिकारी को भेजने का निर्देश दिया ताकि यह जांच की जा सके कि इस कानून के तहत मामला उचित है या नहीं।

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दुबे और तिवारी ने तर्क दिया कि अधिनियम अपराधों की जांच के लिए विशेष अधिकारियों का प्रावधान करता है। जब एक विशेष कानून ने मामले को कवर किया तो उन्होंने आईपीसी प्रावधानों को लागू करने को चुनौती दी।

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