By अंकित सिंह | Jul 11, 2025
उत्तर प्रदेश के आतंकवाद निरोधी दस्ते (एटीएस) ने शुक्रवार को बताया कि जलालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा को पिछले तीन वर्षों में लगभग 500 करोड़ रुपये की विदेशी फंडिंग मिली है। इसमें से 200 करोड़ रुपये की आधिकारिक पुष्टि हो चुकी है, जबकि 300 करोड़ रुपये अवैध हवाला के ज़रिए नेपाल के रास्ते भेजे गए। एजेंसी के अनुसार, नेपाल के सीमावर्ती ज़िलों जैसे काठमांडू, नवलपरासी, रूपनदेही और बांके में 100 से ज़्यादा बैंक खाते खोले गए थे। यह पैसा कथित तौर पर भारत में धर्मांतरण के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था।
ADG कानून-व्यवस्था अमिताभ यश ने बताया कि छांगुर बाबा का गिरोह लंबे समय से धर्मांतरण का काम कर रहा था। हनीट्रैप के ज़रिए दबाव बनाना, नाबालिगों को बहकाना और समाज में प्रभावशाली लोगों का इस्तेमाल करना - इन सबका इस्तेमाल धर्मांतरण के लिए किया जाता था। इसके लिए उन्हें बड़ी मात्रा में विदेशी धन भी मिलता था। इन्हें या तो कानूनी प्रावधानों के तहत ज़ब्त किया जाएगा या ध्वस्त कर दिया जाएगा। यह इलाका नेपाल सीमा से बहुत करीब है। नेपाल सीमा पर जनसांख्यिकी परिवर्तन के प्रयास लंबे समय से ज्ञात हैं। यह इसी बड़े प्रयास का एक हिस्सा हो सकता है।
इससे पहले ADG कानून-व्यवस्था अमिताभ यश ने कहा था कि उत्तर प्रदेश ATS ने छांगुर बाबा और उसकी मुख्य सहयोगी नीतू उर्फ नसरीन को 7 दिन की रिमांड पर लिया है। उनसे उनके गिरोह के नेटवर्क, पैसों के लेन-देन और उनकी अवैध संपत्तियों के बारे में पूछताछ की जाएगी। उन्होंने कहा कि छांगुर बाबा की अवैध संपत्तियों को जब्त करने और ध्वस्त करने की प्रक्रिया भी की जाएगी। पता चला है कि यह गिरोह पिछले 15 सालों से काम कर रहा है और धर्मांतरण करा रहा है। जिन लोगों के खिलाफ सबूत हैं, उन सभी को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस मामले में मोहम्मद अहमद का नाम है और ATS आगे की जांच कर रही है। ईडी ने ATS से इस मामले की FIR मांगी थी।