बिहार मंत्रिपरिष्द ने 500 करोड़ रुपये की लागत से जाति आधारित गणना को मंजूरी दी

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jun 03, 2022

पटना। बिहार मंत्रिपरिषद ने जाति आधारित गणना को बृहस्पतिवार को मंजूरी प्रदान करते हुए इसके लिए 500 करोड़ रुपये का आवंटन किया और सर्वेक्षण पूरा करने के लिए 23 फरवरी की समय सीमा निर्धारित की। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में संपन्न मंत्रिपरिषद की बैठक के बाद पत्रकारों को यह जानकारी देते हुए मुख्य सचिव अमीर सुबहानी ने कहा कि सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा अपेक्षित अधिसूचना जारी होते ही काम शुरू हो जाएगा। उन्होंने कहा कि जातियों के सर्वेक्षण के लिए सामान्य प्रशासन विभाग नोडल प्राधिकरण होगा तथा अधिसूचना जल्द से जल्द जारी की जाएगी।

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बिहार विधानमंडल के दोनों सदनों द्वारा जातीय जनगणना के पक्ष में 2018 और 2019 में दो सर्वसम्मत प्रस्ताव पारित किए गए थे। नीतीश कुमार और मुख्य विपक्षी पार्टी राजद का तर्क रहा है कि विभिन्न सामाजिक समूहों का एक नया अनुमान आवश्यक है क्योंकि पिछली जातीय जनगणना 1921 में हुई थी। मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के अपर मुख्य सचिव एस सिद्धार्थ ने मंत्रिपरिषद द्वारा अन्य एजेंडे को दी गयी मंजूरी के बारे में बताते हुए कहा कि आज मंत्रिपरिषद की बैठक में कुल 12 एजेंडे पर निर्णय लिए गए।

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