By Ankit Jaiswal | May 08, 2026
शुक्रवार सुबह लेंसकार्ट के शेयरों में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआत में गिरावट के बाद कंपनी के शेयरों ने जोरदार वापसी की और दिन के निचले स्तर से करीब पांच प्रतिशत से ज्यादा उछाल दर्ज किया है।
मौजूद जानकारी के अनुसार, इस उतार-चढ़ाव के पीछे एक बड़ा ब्लॉक सौदा रहा है। करीब 11.22 करोड़ शेयरों का लेन-देन हुआ, जो कंपनी की कुल हिस्सेदारी का लगभग 6.46 प्रतिशत है। इस सौदे का कुल मूल्य करीब 5315.6 करोड़ रुपये रहा है। गौरतलब है कि यह सौदा 473.4 रुपये प्रति शेयर के भाव पर हुआ, जो पिछले कारोबारी दिन के बंद भाव 492.4 रुपये से लगभग 3.9 प्रतिशत कम है।
बताया जा रहा है कि यह ब्लॉक सौदा उस समय हुआ है जब कंपनी के शुरुआती निवेशकों के लिए छह महीने की लॉक-इन अवधि समाप्त हो चुकी है। इसके बाद कई निवेशकों ने अपनी हिस्सेदारी कम करने की योजना बनाई थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, बर्ड्सआई व्यू होल्डिंग, टीआर कैपिटल मॉरिशस, एबीजी कैपिटल और करिबा होल्डिंग्स जैसे निवेशक इस सौदे में शामिल हो सकते हैं।
गौरतलब है कि लॉक-इन अवधि खत्म होने के बाद कंपनी के बड़ी संख्या में शेयर बाजार में कारोबार के लिए उपलब्ध हो गए हैं। एक आकलन के अनुसार, करीब 1047.4 मिलियन शेयर, यानी लगभग 60 प्रतिशत इक्विटी अब ट्रेडिंग के लिए खुल चुकी है।
इससे पहले भी पिछले पांच कारोबारी सत्रों में लेंसकार्ट के शेयरों पर दबाव देखा गया था और इनमें करीब सात प्रतिशत की गिरावट आई थी। हालांकि, इसके बावजूद शेयर अभी भी अपने निर्गम मूल्य 402 रुपये से ऊपर बने हुए हैं, जो नवंबर 2025 में सूचीबद्ध होने के समय तय किया गया था।
बड़े निवेशकों की हिस्सेदारी में बदलाव और लॉक-इन अवधि खत्म होने के बाद बाजार में आई नई आपूर्ति के कारण शेयरों में अस्थिरता देखने को मिल रही है, लेकिन फिलहाल रिकवरी के संकेत भी साफ तौर पर नजर आ रहे हैं।