By अंकित सिंह | Nov 15, 2025
बिहार विधानसभा की कम से कम तीन सीटों पर जीत का अंतर 100 से भी कम वोटों का रहा, जबकि तीन अन्य सीटों पर कांटे की टक्कर 250 से भी कम वोटों से हुई। भोजपुर जिले की संदेश सीट पर कांटे की टक्कर रही, जहाँ जदयू उम्मीदवार राधा चरण शाह ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी राजद के दीपू सिंह को मात्र 27 वोटों से हराया। भाकपा (माले) लिबरेशन के शिव प्रकाश रंजन आरा की अगियाँव सीट पर भाजपा उम्मीदवार महेश पासवान से मामूली अंतर से हार गए, क्योंकि अंतर केवल 95 वोटों का था।
इसके अलावा बख्तियारपुर, बोध गया, चनपटिया और जहानाबाद उन विधानसभा क्षेत्रों में शामिल हैं जहां जीत–हार का अंतर 1000 से 500 के बीच रहा। बख्तियारपुर में 981, बोध गया में 881, चनपटिया में 602 और जहानाबाद में 793 वोट के अंतर से जीत दर्ज की गई। चुनाव के दौरान महिलाओं की भागीदारी उल्लेखनीय रही। महिला मतदाताओं का मतदान प्रतिशत पुरुषों की तुलना में लगभग 10 प्रतिशत अधिक दर्ज किया गया।
बिहार में सत्तारूढ़ राजग ने शुक्रवार को महागठबंधन को करारी शिकस्त देकर सत्ता बरकरार रखी। इस जीत ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की लोकप्रियता और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अपील को पुष्ट किया तथा कांग्रेस और सहयोगी राजद को करारा झटका दिया। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की शानदार जीत का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसके दो मुख्य घटक दलों - भाजपा और जदयू - ने 101-101 सीट पर लगभग 85 प्रतिशत का ‘स्ट्राइक रेट’ हासिल किया। इस गठबंधन ने ‘200 पार’ की जीत हासिल की और तीन-चौथाई बहुमत हासिल किया, जिसमें भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी।
प्रधानमंत्री मोदी ने शाम को दिल्ली में भाजपा मुख्यालय में पार्टी कार्यकर्ताओं का गमछा लहराकर अभिवादन स्वीकार करने के बाद उनसे कहा, ‘‘बिहार की जनता ने इस भारी जीत और अपने अटूट आत्मविश्वास के साथ गर्दा उड़ा दिया।’’ भाजपा ने 2020 की 74 से बढ़कर इस बार 89 सीट जीतीं, जबकि नीतीश कुमार के जदयू ने 43 से बढ़कर 85 सीट पर सफलता प्राप्त की। बिहार की 243 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 122 है। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की सीट संख्या 75 से घटकर 25 हो गई। कांग्रेस ने 61 सीट पर चुनाव लड़ा, जिनमें से उसे केवल छह सीट पर जीत मिली, जो उसेपिछली बार मिली 19 सीट से काफी कम हैं। राजग की प्रचंड जीत की सराहना करते हुए, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इसने एक नया ‘एमवाई - महिला और युवा फॉर्मूला दिया है, जिससे जनता ने ‘जंगलराज के लोगों के सांप्रदायिक एमवाई फॉर्मूले’ को ध्वस्त कर दिया है।