By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Sep 08, 2026
पटना, आठ सितंबर बिहार के 13 जिलों में बाढ़ से 34 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। भागलपुर के सुल्तानगंज में गंगा के उच्चतम स्तर(एचएफएल) पार करने के बाद प्रशासन ने निचले इलाकों के लिए चेतावनी जारी की है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
गंडक, कोसी, बूढ़ी गंडक, गंगा, पुनपुन, बागमती और घाघरा समेत कई नदियां राज्य के विभिन्न स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। बाढ़ से पटना, भागलपुर, वैशाली, सारण, बेगूसराय, खगड़िया और मुंगेर सहित 13 जिलों के 79 प्रखंडों की 480 ग्राम पंचायतों में लगभग 34.31 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। बिहार मौसम सेवा केंद्र के अनुसार, सितंबर में अब तक राज्य में 79.6 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है, जो सामान्य से 31 प्रतिशत अधिक है।
गंडक नदी डुमरियाघाट और हाजीपुर, कोसी नदी बलतारा और कुरसेला, बूढ़ी गंडक नदी खगड़िया, गंगा नदी दीघा, गांधी घाट, हथीदह, भागलपुर, कहलगांव और मुंगेर, पुनपुन नदी श्रीपालपुर, बागमती नदी बेनीबाद तथा घाघरा नदी दरौली और गंगपुर में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। विभाग ने बताया कि बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए विभिन्न जिलों में 432 सामुदायिक रसोई संचालित की जा रही हैं। इसके अलावा 14 राहत शिविर चलाए जा रहे हैं, जहां आवास, भोजन, चिकित्सा और अन्य आवश्यक सेवाओं की व्यवस्था की गई है।
अब तक करीब 1.29 लाख पॉलीथिन शीट तथा लगभग 22,900 सूखा राशन पैकेट वितरित किए जा चुके हैं। निकासी और आवागमन के लिए राज्य में कुल 1,832 नावें संचालित की जा रही हैं। वहीं अब तक 3,142 क्विंटल पशु चारा भी वितरित किया गया है।
महत्वपूर्ण बैराजों से जल निकासी के संबंध में विभाग ने बताया कि मंगलवार सुबह 10 बजे गंडक बैराज से 1,04,400 क्यूसेक पानी छोड़ा गया और प्रवृत्ति स्थिर रही। इस वर्ष सर्वाधिक 2,24,000 क्यूसेक जल निकासी 14 जुलाई को दर्ज की गई थी। कोसी बैराज से सुबह 10 बजे 1,69,985 क्यूसेक पानी छोड़ा गया और इसमें गिरावट का रुख देखा गया।
इस वर्ष इसका उच्चतम प्रवाह 20 जुलाई को 2,55,425 क्यूसेक था। इंद्रपुरी बैराज से सुबह 10 बजे 1,04,758 क्यूसेक पानी छोड़ा गया और यहां भी प्रवाह घट रहा है। इस वर्ष यहां सर्वाधिक 5,63,654 क्यूसेक जल निकासी दो सितंबर को दर्ज की गई थी।
संभावित बाढ़ की स्थिति तथा त्वरित राहत एवं बचाव अभियान को देखते हुए राज्य के विभिन्न जिलों में एसडीआरएफ की 27 और एनडीआरएफ की 10 टीमों को तैनात किया गया है।