By रेनू तिवारी | Sep 22, 2026
बिहार के जमुई जिले में दो नाबालिग विद्यार्थियों के साथ मारपीट और अश्लील हरकत का एक बेहद गंभीर और व्यथित करने वाला मामला सामने आया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सात आरोपियों के खिलाफ यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (POCSO Act) और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज की है। पुलिस ने अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि चार अन्य फरार संदिग्धों की गिरफ्तारी के लिए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) दीप्ति मोनाली के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया है।
सात संदिग्धों की पहचान, तीन गिरफ्तार
जमुई पुलिस ने बताया कि जांचकर्ताओं ने घटना में शामिल करीब सात लोगों की पहचान की है। उनमें से तीन को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि बाकी लोगों का पता लगाने के लिए छापेमारी की जा रही है। FIR POCSO एक्ट और BNS की संबंधित धाराओं के तहत दर्ज की गई है। पुलिस ने लड़की के साथ अश्लील हरकत करते दिखे मुख्य संदिग्ध की भी पहचान कर ली है और उसे गिरफ्तार करने की कोशिश कर रही है। SDPO दीप्ति मोनाली की अध्यक्षता वाली SIT अब जांच संभाल रही है और घटना में शामिल हर व्यक्ति की भूमिका का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।
वीडियो वायरल करने वालों पर पुलिस की कार्रवाई
पुलिस की कार्रवाई सिर्फ घटना में शामिल लोगों तक ही सीमित नहीं है; अधिकारियों ने उन सोशल मीडिया अकाउंट्स की पहचान करने की कोशिश भी शुरू कर दी है जिन्होंने नाबालिगों से जुड़े इस फुटेज को वायरल किया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वीडियो शेयर करने वाले कई सोशल मीडिया अकाउंट्स के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से फुटेज हटाने के लिए भी कदम उठा रही है। नाबालिगों से जुड़े ऐसे फुटेज के फैलने से कानूनी और प्राइवेसी से जुड़े अलग-अलग मुद्दे उठते हैं, खासकर इसलिए क्योंकि पीड़ितों की पहचान सुरक्षित रखी जानी चाहिए।
जमुई घटना को लेकर राजनीतिक विवाद
इस घटना ने बिहार में राजनीतिक टकराव भी पैदा कर दिया है, जिसमें विपक्षी नेता महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के मामले में राज्य सरकार के कामकाज पर सवाल उठा रहे हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने घटना की आलोचना की और बिहार में लड़कियों की सुरक्षा पर सवाल उठाए। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी पुलिस की कार्रवाई और घटना की जानकारी मिलने व मामले के सामने आने के बीच हुई देरी पर सवाल उठाए। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी घटना को लेकर बिहार सरकार की आलोचना की, जबकि RJD नेता तेजस्वी यादव ने राज्य सरकार पर निशाना साधा और मामले में जवाबदेही की मांग की।
अब जांच बाकी संदिग्धों पर केंद्रित
तीन लोगों की गिरफ्तारी और चार अन्य की तलाश जारी रहने के साथ, जांच का तत्काल फोकस कथित तौर पर शामिल हर व्यक्ति की सटीक भूमिका की पहचान करने पर है। पुलिस ने कहा कि वे जांच के हिस्से के तौर पर वीडियो और उपलब्ध अन्य सुरागों की भी जांच कर रहे हैं। अधिकारियों ने अपील की है कि नाबालिग पीड़ितों से जुड़े फुटेज को आगे न फैलाया जाए। जांच जारी है, जबकि पुलिस टीमें बाकी संदिग्धों की तलाश कर रही हैं।