By अंकित सिंह | Feb 24, 2025
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को महाकुंभ पर अपनी टिप्पणी के लिए राजद प्रमुख लालू यादव पर तीखा हमला किया और कहा कि जंगलराज में शामिल लोगों को हिंदू आस्था और विश्वास से नफरत है। मोदी ने कहा कि इस समय प्रयागराज में एकता का महाकुंभ चल रहा है। ये भारत की आस्था का, भारत की एकता और समरसता का सबसे बड़ा महोत्सव है। पूरे यूरोप की जितनी जनसंख्या है, उससे भी अधिक लोग इस एकता के महाकुंभ में स्नान कर चुके हैं, लेकिन ये जंगलराज वाले महाकुंभ को गाली दे रहे हैं।
उनकी यह टिप्पणी इस महीने नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भगदड़ से हुई मौतों पर प्रतिक्रिया देते हुए लालू द्वारा महाकुंभ को "अर्थहीन" बताए जाने के कुछ दिनों बाद आई है। लालू ने कहा था, ''कुंभ का कोई मतलब नहीं है...यह बिल्कुल निरर्थक है।'' बीजेपी ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उनके बयान को ''तुष्टीकरण की राजनीति'' कहा था। मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि मेरा तो सपना है, दुनिया की हर रसोई में भारत के किसान का उगाया कोई न कोई उत्पाद होना ही चाहिए। इस वर्ष के बजट ने भी इसी विजन को आगे बढ़ाया है।
उन्होंने कहा किबजट में 'पीएम धन धान्य योजना' की घोषणा की गई है। इसके तहत देश के 100 ऐसे जिलों की पहचान की जाएगी, जहां सबसे कम फसल उत्पादन होता है। फिर ऐसे जिलों में खेती को बढ़ावा देने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। बीते वर्षों में सरकार के प्रयासों से भारत का कृषि निर्यात बहुत अधिक बढ़ा है। इससे किसानों को उनकी उपज की ज्यादा कीमत मिलने लगी है। कई कृषि उत्पाद ऐसे हैं, जिनका पहली बार निर्यात शुरू हुआ है। अब बारी बिहार के मखाने की है।