By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 18, 2026
हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले के एक गांव में स्मार्ट मीटर लगाने को लेकर विवाद तब और गहरा गया जब बिजली बोर्ड ने ग्राम पंचायत प्रधान के घर की बिजली काट दी, जिसके बाद प्रधान ने चेतावनी दी है कि अगर बिजली आपूर्ति बहाल नहीं की गई तो वह अपनी जमीन पर लगे बिजली के खंभे और तार हटवा देंगे। स्मार्ट मीटर लगवाने से इनकार करने पर बिजली काटे जाने का विरोध करते हुए कपहाड़ा ग्राम पंचायत के प्रधान विनय कुमार शर्मा ने रविवार को कहा कि बोर्ड का यह आदेश तो अंग्रेजों के दमनकारी कदमों से भी बदतर है। उन्होंने अपनी निजी जमीन पर लगे सभी बिजली के खंभे और तार हटाने की मांग की है।
उन्होंने बताया कि इसके कुछ ही समय बाद उनके घर की बिजली काट दी गई। अपने दिवंगत पिता के नाम पर नोटिस भेजे जाने का विरोध करते हुए शर्मा ने बोर्ड से अपील की कि वह उपभोक्ताओं की चिंताओं पर विचार करे और उनकी आपत्तियों का समाधान करे। शर्मा के अनुसार नौ अगस्त को पंचायत ने सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित किया था जिसमें अनुरोध किया गया था कि मौजूदा बिजली मीटरों को न बदला जाए।
ग्रामीणों को आशंका है कि स्मार्ट मीटर लगाए जाने से उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। शर्मा ने कहा, ‘‘यह प्रस्ताव अधिशासी अभियंता को भेजा गया था। इसके बावजूद बोर्ड ने मीटर लगाने की प्रक्रिया जारी रखी।
मैंने इस मामले में हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय में याचिका भी दायर की है।’’ बिजली काटे जाने के बाद शर्मा ने बोर्ड को अल्टीमेटम दिया कि वे तुरंत उनकी निजी जमीन से बिजली के खंभे और तार हटा लें। बिजली बोर्ड के सहायक अभियंता रमेश कुमार ने कहा कि पहले ही स्पष्ट कर दिया गया था कि निर्धारित नीति के अनुसार स्मार्ट मीटर लगाने से इनकार करने वाले उपभोक्ताओं के बिजली काट दी जाएगी।