By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Apr 20, 2022
इस्लामाबाद। पीपीपी अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी बुधवार को लंदन जा रहे हैं, जहां उनके पीएमएल-एन सुप्रीमो नवाज शरीफ से मुलाकात कर देश के ‘मौजूदा राजनीतिक हालात’ पर चर्चा करने की उम्मीद है। एक दिन पहले बिलावल ने विदेश मंत्री के रूप में शपथ लेने से मना कर दिया था जिससे अटकलें लगाई गईं कि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के सभी सहयोगी एकमत नहीं हैं। पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) और पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) - दो मुख्य राजनीतिक दल - वैकल्पिक रूप से सत्ता में रहे हैं जब सेना देश पर शासन नहीं कर रही थी। देश पर अधिकांश समय शक्तिशाली सेना ने शासन किया है।
गठबंधन दलों के बीच मतभेदों के कारण कैबिनेट गठन में कई दिनों की देरी हुई, मुख्य रूप से पीपीपी द्वारा इसमें शामिल होने से प्रारंभिक इनकार के कारण।हालांकि, शहबाज शरीफ ने यह सुनिश्चित किया कि बिलावल की पार्टी उनकी सरकार में शामिल हो। लेकिन मंगलवार को कैबिनेट गठन के पहले चरण में दो बार की पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो और पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के बेटे बिलावल की अनुपस्थिति ने कई लोगों को परेशान किया। पीपीपी के सूत्रों ने कहा कि 33 वर्षीय बिलावल अभी भी मंत्रिमंडल में शामिल होने के लिए अनिच्छुक हैं क्योंकि इससे चुनाव से पहले उनकी राजनीतिक गतिविधियों में बाधा आ सकती है। चुनाव साल के अंत तक होने की संभावना है। लेकिन 70 साल के शहबाज शरीफ इस बात पर अड़े हैं कि उन्हें इसमें शामिल होना चाहिए। न्यूज इंटरनेशनल ने सूत्रों के हवाले से कहा कि बिलावल प्रमुख मुद्दों पर नवाज शरीफ के साथ उनके सौहार्दपूर्ण समाधान के लिए चर्चा करना चाहते हैं। सूत्रों ने बताया कि बिलावल अवामी नेशनल पार्टी (एएनपी), बलूचिस्तान नेशनल पार्टी-मेंगल (बीएनपी-मेंगल) और मोशिन डावर को नवाज शरीफ के साथ कैबिनेट में शामिल नहीं करने का मुद्दा भी उठाना चाहते थे। रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है, ‘‘अगर नवाज शरीफ के साथ बातचीत में सब कुछ ठीक रहा, तो उम्मीद है कि बिलावल लंदन से लौटने पर विदेश मंत्री के रूप में शपथ ले सकते हैं।