भारत में कहीं एक जगह नहीं टिकते थे घुमक्कड़ राहुल सांकृत्यायन, दिल के अंदर बसा था साहित्य

By निधि अविनाश | Apr 09, 2022

आधुनिक भारत के बेहतरीन विद्वानों में से एक राहुल सांकृत्यायन का जन्म 9 अप्रैल 1893 में उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के एक सुदूर गांव में हुआ था। उनके पिता, गोवर्धन पांडे और माता, कुलवंती, एक पवित्र और रूढ़िवादी ब्राह्मण परिवार से थे।सांकृत्यायन ने बचपन में ही अपनी माँ को खो दिया था और उनका पालन-पोषण उनकी नानी ने किया था। बता दें कि, राहुल सांकृत्यायन विद्वान, सांकृत्यायन अत्यधिक रचनात्मक थे और तीस से अधिक भाषाओं को जानते थे। उन्होंने दुनिया के कई हिस्सों की यात्रा भी की थी और कहा जाता है कि वह कभी-कभी तो पैदल भी यात्रा करने निकल जाते थे।

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बौद्ध धर्म को अपनाने के बाद वह बाद में उन्होंने मार्क्सवादी समाजवाद की ओर रुख किया।हिंदी में उनकी सबसे प्रसिद्ध पुस्तकों में से एक है वोल्गा से गंगा (वोल्गा से गंगा तक की यात्रा)। यह 1942 में प्रकाशित हुआ था। विक्टर कीरन द्वारा इस किताब की अंग्रेजी में अनुवाद 1947 में फ्रॉम वोल्गा टू गंगा के रूप में प्रकाशित हुआ था। जानकारी के लिए बता दें कि, सांकृत्यायन की दस से अधिक पुस्तकों का बांग्ला में अनुवाद और प्रकाशन हो चुका है। 1963 में उन्हें पद्मभूषण से सम्मानित किया गया और 1958 में उनकी पुस्तक मध्य एशिया का इतिहास के लिए उन्हें साहित्य अकादमी पुरस्कार मिला। इस महान आत्मा ने 14 अप्रैल1963 में अंतिम सांस ली।

- निधि अविनाश

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