Birju Maharaj Birth Anniversary: Kathak को Global Stage तक ले गए थे बिरजू महाराज, जानिए दिसचस्प किस्से

By अनन्या मिश्रा | Feb 04, 2026

सुप्रसिद्ध कथक नर्तक बिरजू महाराज का 04 फरवरी को जन्म हुआ था। उनकी शख्सियत ऐसी थी, जो घुंघरू की झंकार से दर्शकों का मन मोह लेते थे। जब बिरजू महाराज नृत्य करते थे, तो उनके घुंघरू भी बात किया करते थे। उन्होंने कथक को भारत सहित पूरे विश्व में एक अलग मुकाम पर पहुंचाने का काम किया था। तो आइए जानते हैं उनकी बर्थ एनिवर्सरी के मौके पर बिरजू महाराज के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में...

इसे भी पढ़ें: Bhimsen Joshi Birth Anniversary: 19 की उम्र में पहली Performance, भीमसेन जोशी ने 7 दशकों तक किया संगीत पर राज

वाद्य यंत्र में हासिल थी महारथ

बिरजू महाराज को कथक के अलावा पखावज नाल, तबला और सितार आदि वाद्य यंत्र में महारत हासिल थी। वह एक अच्छे गायक कवि और चित्रकार भी थे। उन्होंने कथक को बढ़ावा देने के लिए दिल्ली में नृत्य स्कूल 'कलाश्रम' शुरू किया। यहां पर कथक के अलावा इससे संबंधित विषयों पर शिक्षा की जाती। बिरजू महाराज ने कथक को एक अलग पहचान दी और उनका सफर लंबा रहा। उन्होंने कई हिंदी फिल्मों में नृत्य का निर्देशन किया।

सम्मान

बिरजू महाराज ने फिल्म 'दिल तो पागल है', 'गदर एक प्रेम कथा' 'डेढ़ इश्किया', 'देवदास' और 'बाजीराव मस्तानी' आदि में नृत्य का निर्देशन किया। उन्होंने अपने इस लंबे सफर में कई प्रसिद्धियां बटोरी। उनको साल 1986 में 'पद्म विभूषण', 'संगीत नाटक अकादमी' और 'कालिदास सम्मान' से सम्मानित किया गया। फिर साल 2012 में बिरजू महाराज को 'लता मंगेशकर पुरस्कार' से सम्मानित किया गया। वहीं साल 2012 में सर्वश्रेष्ठ नृत्य निर्देशन के लिए बिरजू महाराज को राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार फिल्म विश्वरूपम से नवाजा गया। साल 2016 में उनको फिल्म 'बाजीराव मस्तानी' के गाने 'मोहे रंग दो लाल' के लिए फिल्म फेयर पुरस्कार मिला।


मृत्यु

वहीं 17 जनवरी 2022 को बिरजू महाराज ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया था।

प्रमुख खबरें

Tamil Nadu में टूटा दशकों पुराना Protocol, CM Vijay की शपथ में बजावंदे मातरम, CPI हुई नाराज

Bengaluru में बोले PM Modi- धरती माता को केमिकल से बचाना भी एक Art of Living है

Punjab मंत्री Sanjiv Arora की ED गिरफ्तारी पर बोले Kejriwal, BJP की जगह जेल चुनी, सलाम

WFI का बड़ा बयान: Haryana के पहलवानों की रिकॉर्ड भागीदारी ने पक्षपात के आरोप झूठे साबित किए