By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 24, 2026
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भाजपा को बदनाम करने का ‘‘ठेका’’ देने का आरोप लगाते हुए शनिवार को कहा कि शिवसेना (उबाठा) नेता संजय राउत ने एआई की मदद से एक ऑडियो क्लिप तैयार की, जिसमें मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे को ‘‘500 करोड़ रुपये’’ दिए जाने का जिक्र है। राउत इस घटना को भाजपा के भीतर जारी ‘‘गला-काट’’ प्रतिस्पर्धा का नतीजा बताते हुए दावा किया कि भाजपा के एक विधान पार्षद ने वह ऑडियो क्लिप लीक की। जरांगे ने पैसे मिलने के आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उनके उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को इस विवाद की तह तक जाना चाहिए।
पिछले कुछ दिनों से वह राहुल गांधी के एजेंडे को लगातार आगे बढ़ा रहे हैं।’’ उन्होंने आरोप लगाया कि राउत करीब दो महीने से इस ऑडियो क्लिप को तैयार करने में लगे थे और उन्होंने यूट्यूब पर उपलब्ध आवाज के नमूनों को एआई की मदद से जोड़कर इसे तैयार किया। बन ने कहा, ‘‘राउत ने ‘सामना’ अखबार के कार्यालय में कथित बातचीत की पटकथा तैयार की थी। शुरुआत में उन्होंने 100 करोड़ रुपये के लेनदेन का आरोप लगाने पर विचार किया था, लेकिन मीडिया का अधिक ध्यान आकर्षित करने के लिए बाद में यह राशि बढ़ाकर 500 करोड़ रुपये कर दी।’’ उन्होंने आरोप लगाया कि बाद में यह ऑडियो क्लिप छत्रपति संभाजीनगर के एक व्यक्ति को सौंपी गई, जिसने इसे जरांगे तक पहुंचाया।
उन्होंने दावा किया कि इस ऑडियो क्लिप को भाजपा नेताओं, शिंदे और जरांगे की छवि खराब करने तथा उनके बीच टकराव पैदा करने के उद्देश्य से तैयार किया गया था। इस मामले को लेकर बढ़ते विवाद के बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने ऑडियो क्लिप की फॉरेंसिक जांच के शुक्रवार को आदेश दिए। इससे पहले शिवसेना नेता रामदास कदम ने आरोप लगाया था कि भाजपा के कुछ नेता उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को राजनीतिक रूप से ‘‘खत्म’’ करने के लिए जरांगे के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।
जरांगे ने बृहस्पतिवार को जालना में यह ऑडियो क्लिप जारी करते हुए आरोप लगाया था कि उन्हें चुप कराने और मराठा आरक्षण आंदोलन को कमजोर करने की साजिश रची गई। सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से प्रसारित इस ऑडियो क्लिप में एक महिला कथित तौर पर यह दावा करती सुनाई देती है कि एकनाथ शिंदे के पुत्र और शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे के जरिए जरांगे को 500 करोड़ रुपये पहुंचाए गए थे। बन ने कहा कि फडणवीस ने मामले की एसआईटी से जांच कराने की घोषणा की है, लेकिन जांचकर्ताओं को विशेष रूप से राउत की कथित भूमिका और ‘वॉर रूम’ की गतिविधियों की जांच करनी चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं फडणवीस को पत्र लिखकर मामले की तत्काल जांच कराने और जरूरत पड़ने पर राउत के खिलाफ मामला दर्ज करने का अनुरोध करूंगा। इस बात की भी जांच होनी चाहिए कि क्या इस कथित साजिश के लिए राउत को राहुल गांधी से धन मिला था।’’ बन ने दावा किया कि इस ऑडियो क्लिप से केवल कांग्रेस और शिवसेना (उबाठा) को फायदा होगा, जबकि भाजपा, शिंदे और जरांगे की छवि को नुकसान पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि जरांगे ने खुद एसआईटी से जांच कराने की मांग की है, क्योंकि उन्हें भी ऑडियो क्लिप की प्रामाणिकता पर भरोसा नहीं है।
भाजपा के विधान परिषद सदस्य प्रसाद लाड ने राउत को इस मामले में मुख्य आरोपी और ‘‘साजिशकर्ता’’ बनाए जाने की मांग की। लाड ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की जानी चाहिए और सबसे पहले संजय राउत को पूछताछ के लिए बुलाया जाना चाहिए। उनसे पूछा जाना चाहिए कि उन्हें कैसे पता चला कि ऑडियो क्लिप किस तरह तैयार की गई, इसे किसने बनाया और इसे तैयार करने के लिए क्या-क्या किया गया।’’ उन्होंने कहा, ‘‘संजय राउत ने ऑडियो क्लिप की पटकथा लिखी थी और यह तय किया था कि कौन क्या बोलेगा और किस तरह बोलेगा।
आवाजें एआई की मदद से तैयार की गई थीं।’’ राउत ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि मुख्यमंत्री फडणवीस को सबसे पहले मामला दर्ज कराना चाहिए और फिर ऑडियो क्लिप की फॉरेंसिक जांच करानी चाहिए। हालांकि, उन्होंने दावा किया कि इस जांच से ‘‘कोई नतीजा नहीं निकलेगा।’’ राउत ने किसी का नाम लिए बिना कहा, ‘‘यह क्लिप भाजपा के एक विधान पार्षद ने लीक की है। वह जरांगे के साथ बातचीत में शामिल थे।
मुख्यमंत्री ने उन पर बहुत स्नेह दिखाया था, लेकिन यह नुकसान कर गया।’’ मुख्यमंत्री के करीबी माने जाने वाले प्रसाद लाड ने अगस्त में मराठा आरक्षण को लेकर जरांगे के अनशन के दौरान उनसे बातचीत की थी। राउत ने दावा किया कि भाजपा के भीतर ‘गलाकाट प्रतिस्पर्धा’ चल रही है और ऑडियो क्लिप लीक होना उसकी आंतरिक राजनीति का नतीजा है। राउत ने दावा किया कि फडणवीस और उनके उपमुख्यमंत्री शिंदे के बीच चल रहा ‘‘शीतयुद्ध’’ चरम पर पहुंच गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों एक-दूसरे को राजनीतिक रूप से खत्म करने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं। जालना में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए, जरांगे ने यह भी दावा किया कि उनके खिलाफ एक साजिश रची गई, क्योंकि वह किसानों और आम नागरिकों के मुद्दों को उठा रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हमने पर्दे के पीछे छिपी बातों को सामने ला दिया है।
असल में, हमने पर्दा ही फाड़ दिया है। इसकी वजह से सभी राजनीतिक दलों के नेता जाग गए हैं, जो मेरे लिए अहम है। मैं इस मामले की तह तक जाऊंगा।’’