By अंकित सिंह | Mar 19, 2025
भाजपा सदस्यों ने बुधवार को कर्नाटक सरकार के उस विधेयक को वापस लेने की मांग की, जिसमें सरकारी ठेकों में मुसलमानों को चार प्रतिशत आरक्षण दिया गया है। उनका तर्क है कि यह कदम देश के विभाजन के समान है। लोकसभा में शून्यकाल के दौरान इस मुद्दे को उठाते हुए भाजपा सदस्यों निशिकांत दुबे और तेजस्वी सूर्या ने विपक्षी सदस्यों के विरोध के बीच कर्नाटक सार्वजनिक खरीद में पारदर्शिता (संशोधन) विधेयक को वापस लेने की मांग की।
उन्होंने दावा किया, ‘‘पिछले दरवाजे से ओबीसी में मुस्लिम को जोड़ने की बात की जा रही है...सरकार से आग्रह है कि कानून बनाइए।’’ भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने भी कर्नाटक से संबंधित यह विषय उठाया। उन्होंने कहा कि राज्य को धर्मनिरपेक्ष होना चाहिए, लेकिन कर्नाटक में ऐसा नहीं हुआ। सूर्या ने मुस्लिम आरक्षण का उल्लेख करते हुए कहा कि केंद्र को इसे रोकने के लिए कानून बनाना चाहिए।