By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jul 21, 2023
बेंगलुरु। कर्नाटक विधानसभा अध्यक्ष द्वारा ‘अमर्यादित और अपमानजनक’ आचरण के लिए भारतीय जनता पार्टी के 10 विधायकों कोनिलंबित किए जाने के विरोध में भाजपा और जनता दल (सेक्युलर) ने शुक्रवार को दूसरे दिन भी सदन की कार्यवाही से बहिष्कार किया। विधानमंडल सत्र तीन जुलाई को शुरू हुआ था और आज इसका आखिरी दिन है। भाजपा विधायकों ने विधान सौध में गांधी प्रतिमा के सामने धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान इन सदस्यों ने सरकार और विधानसभा अध्यक्ष यू टी खादर के खिलाफ नारेबाजी की। भाजपा और जद(एस) दोनों के एक संयुक्त प्रतिनिधिमंडल ने बृहस्पतिवार को कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत से मुलाकात कर राज्य में कांग्रेस सरकार की ‘कार्यशैली’, इसकी ‘दमनकारी और तानाशाही’ प्रकृति और विधानसभा अध्यक्ष के आचरण के बारे में ज्ञापन सौंपा।
इसके जवाब में भाजपा और जद(एस) के विधायकों ने विधानसभा सचिव को अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास का नोटिस दिया था। सदन की कार्यवाही के दौरान विधायकों ने आरोप लगाया था कि कांग्रेस सरकार ने लोकसभा चुनाव के मकसद से रणनीति बनाने के लिए सोमवार और मंगलवार को शहर में आयोजित बैठक में गठबंधन नेताओं की ‘सेवा’ के लिए 30 आईएएस अधिकारियों की तैनात किया था। विपक्षी विधायकों के इस आरोप के बाद हंगामा बढ़ गया था।