Shyama Prasad Mukherjee Birth Anniversary: श्यामा प्रसाद मुखर्जी की नींव पर खड़ी हुई BJP, आर्टिकल 370 के थे आलोचक

By अनन्या मिश्रा | Jul 06, 2025

जब भी डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी का नाम आता है, तो एक हिंदूवादी नेता की छवि उभरती है। डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी को जनसंघ का संस्थापक माना जाता है। जोकि बाद में भारतीय जनता पार्टी बनकर उभरी थी। आज ही के दिन यानी की 06 जुलाई को श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जन्म हुआ था। साथ ही मुखर्जी को एक देश, एक निशान, एक विधान और एक प्रधान के संकल्प के अगुवाकार के तौर पर भी जाना जाता है। भारत के विकास में श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बड़ा योगदान है। तो आइए जानते हैं उनकी बर्थ एनिवर्सरी के मौके पर राष्ट्रवादी नेता डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में...

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राजनीतिक सफर

सियासी सफर की शुरूआत में श्यामा प्रसाद मुखर्जी कांग्रेस पार्टी के सदस्य थे। लेकिन मतभेद होने पर वह हिंदू महासभा के सदस्य बन गए। साल 1939 में वह जब पश्चिम बंगाल के प्रवास पर गए, तो इस दौरान उनकी मुलाकात की। एक समय पर जब उनको यह एहसास हुआ कि मुस्लिम लीग भारत में अलगाव पैदा कर रही है, राजनीतिक दलों द्वारा मुस्लिमों के अधिकारों की बात की जाती है, लेकिन हिंदुओं की बात उठाने के लिए कोई राजनीतिक दल सामने नहीं आता है।

नेहरू मंत्रिमंडल से दिया इस्तीफा

साल 1947 में भारत के आजाद होने पर पहली बार सरकार का गठन किया गया और मंत्रिमंडल की स्थापना की गई। इस मंत्रिमंडल में श्यामा प्रसाद मुखर्जी को उद्योग मंत्री के रूप में जगह मिली। लेकिन उस दौरान परिस्थितियों को देखते हुए मुखर्जी ने साल 1950 में अपने पद से और कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया। क्योंकि वह मानते थे कि नेहरू-लियाकत पैक्ट के जरिए हिंदुओं के साथ धोखा किया गया है।

जनसंघ की नींव

पंडित दीनदयाल उपाध्याय के साथ मिलकर श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने 21 मई 1951 को भारतीय जनसंघ की स्थापना की। डॉ. मुखर्जी को जनसंघ के अध्यक्ष और उपाध्याय महामंत्री चुने गए। साल 1952 में हुए पहली बार आम चुनाव में बंगाल से जीत हासिल कर डॉ. मुखर्जी लोकसभा पहुंचे। इस दौरान मुखर्जी सदन में मुखर होकर कांग्रेस के खिलाफ बोलते थे। वहीं जम्मू-कश्मीर को लेकर मुखर्जी का रुख यही था कि अनुच्छेद 370 को निरस्त कर दिया जाए। वहीं जम्मू-कश्मीर को भारतीय संविधान के तहत लाया जाए। आगे जाकर जनसंघ के नेताओं ने भारतीय जनता पार्टी की स्थापना की थी।

मृत्यु

बता दें कि 23 जून 1953 हार्ट अटैक से डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी का निधन हो गया।

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