By अंकित सिंह | Apr 16, 2022
विपक्ष के 13 नेताओं ने अपने संयुक्त बयान में देश में हुई हालिया सांप्रदायिक हिंसा और घृणापूर्ण भाषण संबंधी घटनाओं को लेकर गंभीर चिंता जतायी और लोगों से शांति एवं सद्भाव बनाए रखने की अपील की। इसके साथ ही विपक्षी नेताओं ने इन मुद्दों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर भी सवाल उठाया है। विपक्षी दलों के संयुक्त बयान पर अब भाजपा ने भी पलटवार किया है। भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कहा कि आज कांग्रेस सहित सभी विपक्षी दलों ने एक संयुक्त अपील की है लेकिन, यह अपील कांग्रेस और विपक्ष के इरादों की तरह ही फर्जी है। आज लोग उनसे पूछ रहे हैं कि करौली हिंसा के मुख्य आरोपी को 14 दिन बाद भी गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया?
एकजुट होकर सामाजिक सद्भाव को मजबूत करने का अपना संयुक्तसंकल्प जताते हुए विपक्षी नेताओं ने कहा, हम उस जहरीली विचारधारा से मुकाबले करने संबंधी अपने संकल्प को दोहराते हैं जोकि हमारे समाज में फूट डालने की कोशिश कर रही है। बयान में कहा गया, हम सभी वर्गों के लोगों से अपील करते हैं कि शांति बनाए रखें और ऐसे लोगों के मंसूबों को कामयाब नहीं होने दें जोकि सांप्रदायिक ध्रुवीकरण को और गहरा करना चाहते हैं। गौरतलब है कि 10 अप्रैल को रामनवमी के अवसर पर देश के कुछ हिस्सों से सांप्रदायिक हिंसा की खबरें सामने आयी थीं।