By अंकित सिंह | Aug 02, 2021
हाल में ही राजनीति से संन्यास का ऐलान करने वाले भाजपा सांसद बाबुल सुप्रियो को पार्टी मनाने की कोशिश में है। अचानक सोशल मीडिया पर राजनीतिक छोड़ने के ऐलान के बाद से बाबुल को लेकर तरह-तरह के कयास लगाएं जा रहे हैं। इसी को लेकर बाबुल सुप्रियो और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के बीच लंबी मुलाकात हुई है। पार्टी की ओर से बाबुल सुप्रियो को अपने फैसले पर दोबारा विचार करने के लिए कहा गया है। सूत्र यह दावा कर रहे हैं कि बाबुल सुप्रियो को लेकर आखिरी फैसला मंगलवार तक हो सकता है। बताया जा रहा है कि शनिवार को बाबुल सुप्रियो ने जेपी नड्डा से मुलाकात की थी। यह मुलाकात एक घंटे तक चली। बाबुल सुप्रियो को अपने फैसले पर दोबारा सोचने के लिए कहा गया है।
सुप्रियो ने संकेत दिया कि यह निर्णय आंशिक रूप से उन्होंने मंत्री पद जाने और भाजपा की पश्चिम बंगाल इकाई के नेतृत्व के साथ मतभेदों के कारण लिया है। सुप्रियो (50) जिन्होंने 2014 से नरेंद्र मोदी सरकार में केन्द्रीय राज्य मंत्री (एमओएस) के रूप में कई विभागों को संभाला था, को इस महीने की शुरुआत में एक बड़े मंत्रिमंडल फेरबदल के दौरान हटा दिया गया था। सुप्रियो ने एक फेसबुक पोस्ट में लिखा, ‘‘जा रहा हूं अलविदा। अपने माता-पिता, पत्नी, दोस्तों से बात की और उनकी सलाह सुनने के बाद मैं कह रहा हूं कि मैं जा रहा हूं। मैं किसी अन्य पार्टी में नहीं जा रहा हूं - तृणमूल कांग्रेस, कांग्रेस, माकपा, कहीं नहीं। मैं पुष्टि कर रहा हूं कि किसी ने मुझे फोन नहीं किया है।’’ उन्होंने लिखा, ‘‘मैं कहीं नहीं जा रहा हूं। मैं एक टीम का खिलाड़ी हूं! हमेशा एक टीम मोहन बागान का समर्थन किया है - केवल एक पार्टी के साथ रहा हूं - भाजपा पश्चिम बंगाल। बस !! जा रहा हूं।’’ उन्होंने लिखा, ‘‘मैं बहुत लंबे समय तक रहा हूं ... मैंने किसी की मदद की है, किसी को निराश किया है, यह लोगों को तय करना है। सामाजिक कार्यों में शामिल होने के लिए, आप किसी भी राजनीति में शामिल हुए भी बिना ऐसा कर सकते हैं। हां, मैं सांसद के पद से इस्तीफा दे रहा हूं।’’