RG Kar की पीड़िता की मां को BJP ने दिया टिकट, Ram Navami पर West Bengal में जमकर हुई राजनीति

By नीरज कुमार दुबे | Mar 26, 2026

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक माहौल तेजी से गर्म हो रहा है। राज्य में एक ओर भारतीय जनता पार्टी ने उम्मीदवारों की तीसरी सूची जारी कर दी है, वहीं दूसरी ओर राम नवमी के अवसर पर निकाली गई रैलियों और जुलूसों ने भी चुनावी तापमान को और बढ़ा दिया है।

हम आपको बता दें कि पीड़िता की मां का राजनीति में आना लंबे समय से चर्चा का विषय बना हुआ था। उन्होंने हाल ही में सार्वजनिक रूप से कहा था कि वह विधानसभा में पहुंचकर न्याय की लड़ाई लड़ना चाहती हैं। उनका कहना है कि उनकी बेटी की निर्मम हत्या को काफी समय बीत चुका है, लेकिन अब तक उन्हें न्याय नहीं मिला है। भाजपा की ओर से उम्मीदवार बनाये जाने पर उन्होंने स्पष्ट किया कि महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना और सरकारी अस्पतालों में फैले भ्रष्टाचार को खत्म करना उनके प्रमुख लक्ष्य होंगे। उनके परिवार का भी कहना है कि उन्हें जनता से व्यापक समर्थन मिल रहा है और यह चुनाव केवल राजनीति नहीं बल्कि जनहित और न्याय की लड़ाई है। हालांकि इस फैसले को लेकर विरोध भी सामने आया है। ‘रीक्लेम द नाइट’ जैसे सामाजिक आंदोलनों से जुड़े कार्यकर्ताओं ने इस कदम की आलोचना करते हुए कहा कि इससे न्याय की लड़ाई कमजोर हो सकती है। कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी इसे दुखद और निराशाजनक बताया है।

वहीं वाम मोर्चा ने इसी सीट से आरजी कर आंदोलन से जुड़े एक प्रमुख चेहरे को उम्मीदवार बनाया है, जिससे मुकाबला और दिलचस्प हो गया है। तृणमूल कांग्रेस ने भी इस फैसले पर सवाल उठाते हुए इसे दोहरे मापदंड करार दिया है और पूछा है कि पहले जांच एजेंसियों पर सवाल उठाने वाले अब उसी व्यवस्था का हिस्सा क्यों बनना चाहते हैं? वहीं पीड़िता की मां ने कहा है कि वह व्यवस्था को सुधारने के लिए राजनीति में आई हैं।

इस बीच, कोलकाता में राम नवमी के अवसर पर भी राजनीतिक गतिविधियां तेज रहीं। नेता प्रतिपक्ष और भाजपा उम्मीदवार शुभेंदु अधिकारी ने भवानीपुर क्षेत्र में राम नवमी रैली का नेतृत्व किया। उन्होंने अपने संबोधन में राज्य में राम राज्य की स्थापना की बात कही और सुशासन, महिलाओं की सुरक्षा, युवाओं को रोजगार तथा घुसपैठ रोकने को प्रमुख मुद्दा बताया।

हम आपको बता दें कि शुभेंदु अधिकारी इस बार भवानीपुर और नंदीग्राम दोनों सीटों से चुनाव मैदान में हैं। वर्ष 2021 के चुनाव में उन्होंने नंदीग्राम में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को हराया था, जबकि बाद में ममता बनर्जी ने भवानीपुर उपचुनाव जीतकर विधानसभा में वापसी की थी। इस बार दोनों नेताओं के बीच सीधा मुकाबला होने की संभावना ने चुनाव को और रोमांचक बना दिया है।

हम आपको यह भी बता दें कि राम नवमी के जुलूसों को लेकर भी कुछ स्थानों पर तनाव की स्थिति देखी गई। न्यू टाउन क्षेत्र में पुलिस ने एक जुलूस को रोक दिया, जिससे राजनीतिक आरोप प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया। भाजपा नेताओं ने इसे धार्मिक स्वतंत्रता में बाधा बताया, जबकि प्रशासन ने कानून व्यवस्था बनाए रखने की बात कही।

हम आपको बता दें कि राज्य में विधानसभा चुनाव दो चरणों में 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को होंगे, जबकि मतगणना 4 मई को की जाएगी। पूरा चुनावी कार्यक्रम 6 मई तक संपन्न होने की उम्मीद है। बहरहाल, पश्चिम बंगाल का यह चुनाव केवल राजनीतिक दलों के बीच मुकाबला नहीं बल्कि कई सामाजिक और भावनात्मक मुद्दों से भी जुड़ गया है। आरजी कर मामले की पीड़िता की मां का चुनाव मैदान में उतरना, राम नवमी के दौरान राजनीतिक संदेश और सुरक्षा के मुद्दे, इन सभी ने चुनावी माहौल को बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण बना दिया है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि जनता इन मुद्दों पर किस तरह प्रतिक्रिया देती है और किसे अपना समर्थन देती है।

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