By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Dec 12, 2018
भोपाल। मध्यप्रदेश का चुनाव परिणाम ना सिर्फ भारतीय जनता पार्टी पर ही नहीं बल्कि पूर्ववर्ती सरकार के मंत्रियों पर भी भारी पड़ा है। इस चुनाव में 13 मंत्रियों को हार का सामना करना पड़ा है। लेकिन इस मामले में प्रदेश में सरकार बनाने जा रही कांग्रेस की स्थिति भी ज्यादा बेहतर नहीं है। पार्टी के भी चार बड़े नेताओं को हार का कड़वा घूंट पीना पड़ा है। महिला एवं बाल विकास मंत्री अर्चना चिटनीस बुरहानपुर से मुकाबला हार गई हैं। यहां कांग्रेस से बागी होकर निर्दलीय चुनाव लड़े ठाकुर सुरेन्द्र सिंह नवल सिंह 5,120 मतों के अंतर से विजयी हुए हैं। भोपाल दक्षिण-पश्चिम विधानसभा सीट से प्रदेश के राजस्व मंत्री उमा शंकर गुप्ता चुनाव हार गये हैं। उन्हें कांग्रेस के पीसी शर्मा ने 6,587 मतों से पराजित किया।
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प्रदेश के स्कूली शिक्षा मंत्री दीपक जोशी देवास जिले की हालपिपल्या सीट से 13,519 मतों से चुनाव हार गये। ग्वालियर दक्षिण सीट से प्रदेश के मंत्री नारायण सिंह कुशवाह कांग्रेस के प्रवीण पाठक से मात्र 121 मतों से चुनाव हार गये। शाहपुरा विधानसभा सीट से मंत्री ओमप्रकाश धुर्वे 35,960 मतों से चुनाव हार गये वहीं खरगोन विधानभा सीट से प्रदेश सरकार के मंत्री बालकृष्ण पाटीदार 9,512 मतों से चुनाव हार गये। प्रदेश विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के चार बड़े नेताओं को भी हार का सामना करना पड़ा।
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प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के दिग्गज नेता रहे पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुनसिंह के पुत्र अजय सिंह अपनी परम्परागत सीट चुरहट से 6,402 मतों से हार गये। वहीं विधानसभा के उपाध्यक्ष और अमरपाटन विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस उम्मीदवार राजेन्द्र सिंह 3,747 मतों से पराजित हुए। कांग्रेस के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष रामनिवास रावत श्योपुर जिले की विजयपुर विधानसभा सीट से 2,840 मतों से हार गये। कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व केन्द्रीय मंत्री अरुण यादव बुधनी सीट से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से 58,999 मतों से पराजित हुए हैं।