By अंकित सिंह | Sep 24, 2026
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए कहा है कि विपक्ष के नेता (LoP) राहुल गांधी में राजनीतिक समझ बिल्कुल नहीं है। यह बयान तब आया जब कांग्रेस नेता ने चुनाव आयोग के कामकाज और 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (SIR) प्रक्रिया पर दो चुनाव आयुक्तों द्वारा उठाए गए सवालों को लेकर 'द इंडियन एक्सप्रेस' की रिपोर्ट पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी के संबोधन पर प्रतिक्रिया देते हुए BJP के प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि कांग्रेस अपने दम पर एक भी चुनाव नहीं जीत पाई। प्रियंका गांधी ने मुस्लिम लीग के समर्थन से वायनाड सीट जीती।
सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि अभी कुछ देर पहले राहुल गांधी ने आपके सामने फिर से एक PPT पेश किया, जो अक्सर ऐसे अनजान, अजीब और संदिग्ध स्रोतों से आता है जिनके बारे में कोई नहीं जानता। उन्हें भारतीय राजनीति की कोई जानकारी नहीं है। तमिलनाडु में 1967 से कांग्रेस सत्ता में नहीं है। उस समय BJP का अस्तित्व ही नहीं था। बंगाल में 1977 से कांग्रेस की सरकार नहीं रही है। बिहार में 1990 से कांग्रेस की सरकार नहीं है। UP में कांग्रेस 1989 से सत्ता से बाहर है। 1999 से ओडिशा में कांग्रेस सत्ता में नहीं है। राहुल गांधी को इस बात की कोई जानकारी नहीं है... जब से पारदर्शी चुनाव होने लगे हैं, CCTV कैमरे आ गए हैं और स्वतंत्र मीडिया का दौर आया है, तब से उन्हें सत्ता में आना मुश्किल लगने लगा है।
उन्होंने कहा कि अभी आपने कुछ ही समय पहले देखा कि भारत की राजनीति के प्रपंच शिरोमणि और हाइड्रोजन बम का उद्घोष करके हाइड्रोजन गैस लाने वाले महान रसायन वैज्ञानिक राहुल गांधी जी ने आपके सामने एक बार फिर एक PPT का प्रदर्शन किया। जब वो कहते हैं कि मैं इसको 50 साल से देख रहा हूं, जिसकी उम्र 56 साल है, वो 50 साल की उम्र से ही सारी चीजें समझ रहे हैं। मुझे लगता है कि 5-6 साल की आयु में राजनीति को समझने की ऐसी अद्भुत प्रतिभा सिर्फ पक्की दाढ़ी वाले नौजवान में ही हो सकती है।
भाजपा नेता ने कहा कि दूसरा, उन्होंने कहा कि एंटी-इनकंबेंसी इस देश का established truth है और यह भाजपा के आने के बाद हुआ है। मुझे लगता है कि राजनीतिक दृष्टि से राहुल गांधी विवेक-शून्य और ज्ञान-शून्य हैं। 1967 के बाद से तमिलनाडु में कांग्रेस कभी सत्ता में वापस नहीं लौटी। तब भारतीय जनता पार्टी का नाम तक नहीं था। बंगाल में 1977 के बाद से कांग्रेस सत्ता में वापस नहीं लौटी और 1977 से 2011 तक 34 वर्षों तक कम्युनिस्टों की सरकार रही, लेकिन राहुल गांधी को यह समझ में ही नहीं आता, दिखाई ही नहीं पड़ता। बिहार में 1990 के बाद से कांग्रेस कभी सत्ता में नहीं रही। तीन बार लगातार लालू यादव की सरकार रही, लेकिन राहुल गांधी को इसका भी ज्ञान नहीं है। 1989 के बाद से उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की सरकार नहीं रही, लेकिन उन्हें इसका भी पता नहीं है। 1999 के बाद से ओडिशा में कांग्रेस की सरकार नहीं रही, लेकिन यह भी उन्हें पता नहीं है।
उन्होंने कहा कि आज एंटी-इनकंबेंसी इतनी स्ट्रॉन्ग हो गई है कि वह अपनी सीट भी अपने सहयोगी दल की बैसाखी के बिना नहीं जीत सकते। पिछले 25 वर्षों से रायबरेली और अमेठी में समाजवादी पार्टी के समर्थन से कांग्रेस पार्टी जीतती रही है। वरना सोनिया जी और राहुल गांधी जी में इतनी क्षमता नहीं है कि बिना सपा के समर्थन के अपनी खानदानी सीट अपने दम पर निकाल सकें। राहुल गांधी जी और प्रियंका गांधी जी वायनाड में मुस्लिम लीग के समर्थन से जीते हैं, जहां 60 से 65 प्रतिशत मुस्लिम आबादी है। इनकी क्षमता नहीं है कि बिना मुस्लिम लीग के समर्थन के वहां अपनी सीट निकाल सकें। इसलिए राहुल गांधी को भारतीय राजनीति के फंडामेंटल ज्ञान की समझ नहीं है।