By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jul 05, 2022
पूनियां ने बाद में संवाददाताओं से बातचीत में कहा, राज्य सरकार कन्हैयालाल को सुरक्षा उपलब्ध कराती तो यह हालात नहीं बनते, यह हत्याकांड राज्य सरकार, पुलिस-प्रशासन, इंटेलिजेंस और गृह विभाग की लापरवाही है, हत्यारों को फांसी हो, जिससे यह संदेश देश और दुनिया में जाएगा। उन्होंने कहा कि राजस्थान की गुप्तचर एजेंसियों की कमजोरी, सरकार की कमजोर और लचर कानून व्यवस्था के कारण अलगाववादियों को लगा होगा कि इस शांतिपूर्ण प्रदेश में इन गतिविधियों को कारित किया जा सकता है। वहीं राज्य में सत्तारूढ़ कांग्रेस ने भाजपा नेताओं की कन्हैया लाल के घर जाने को लेकर पार्टी पर निशाना साधा। खाचरियावास ने संवाददाताओं से कहा कि इन लोगों (भाजपा नेताओं) की घटना के प्रति गंभीरता का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि जब कन्हैया लाल का परिवार गम में था, तब ये हैदराबाद में इकट्ठा होकर जश्न मना रहे थे। खाचरियावास ने कहा कि गुलाबचन्द कटारिया स्थानीय विधायक हैं और नेता प्रतिपक्ष हैं, उनकी जिम्मेदारी थी कि वो इस माहौल में उदयपुर में रुकते एवं स्थिति को काबू में रखने में सरकार की मदद करते, परन्तु 28 जून की घटना के अगले दिन ही वो हैदराबाद चले गए। उन्होंने कहा, अब तो कन्हैया लाल के घर श्रीमती वसुंधरा राजे, गजेन्द्र सिंह शेखावत समेत तमाम नेताओं में उनके घर जाने की होड़ मच गई है क्योंकि राजनीति चमकानी है, परन्तु जब उनके परिवार का गम बांटना था, तब ये सब कहां थे।