अल्पसंख्यकों तक मोदी-योगी सरकार के फैसलों को पहुँचाने के लिए भाजपा ने बनाया मेगा प्लान

By अजय कुमार | Oct 13, 2021

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी पहले से कोई धारणा बनाकर चुनाव मैदान में नहीं उतरेगी। कौन बीजेपी को वोट देता है और कौन नहीं, इसकी चिंता किए बिना बीजेपी के कार्यकर्ता हर वोटर के दरवाजे पर दस्तक देंगे। सभी वोटरों से सम्पर्क बनाने को मूलमंत्र बनाकर बीजेपी नेता और कार्यकर्ता पूरे प्रदेश में मुस्लिम वोटरों से वोट मांगने उनके भी दरवाजे पर जाएंगे। इसी मूलमंत्र को धारण करके उत्तर प्रदेश में बीजेपी ने मिशन 2022 के लिए तैयारी तेज कर दी है। योगी सरकार ने पिछले महीने ही अपना रिपोर्ट कार्ड जारी किया था और अब अल्पसंख्यकों तक मोदी सरकार और योगी सरकार के फैसलों को पहुंचाने के लिए बीजेपी ने प्रदेश के सभी जिलों में रथयात्रा निकालने का फैसला लिया है, तो समाजवादी पार्टी जैसे दलों को बीजेपी का यह फैसला रास नहीं आ रहा है। समाजवादी नेता नरेन्द्र भदौरिया आरोप लगा रहे हैं कि बीजेपी के खाने के दांत और दिखाने के दांत अलग-अलग हैं। भाजपा पहले मुसलमानों को डराती है और उसके बाद उनसे वोट मांगती है।

   

उत्तर प्रदेश में अगले साल फरवरी-मार्च में विधानसभा चुनाव होने हैं। 2017 के चुनाव में बीजेपी ने यहां की 403 में से 312 सीटों पर जीत दर्ज की थी। सपा और कांग्रेस ने साथ मिलकर चुनाव लड़ा था। सपा ने 47 और कांग्रेस ने 7 सीटें ही जीती थीं। मायावती की बसपा 19 सीटें जीतने में कामयाब रही थी। बीजेपी आलाकामन ने तय किया है कि अल्पसंख्यकों तक पार्टी अपनी अच्छी बातों और जनहित के फ़ैसले को पहुंचाएगी इसमें साथ ही मुसमलानों को यह भी बताया जाएगा कि उनकी सरकार सभी के लिए है। केंद्रीय योजनाओं का लाभ अल्पसंख्यकों को कैसे मिला, इस बारे में भी बताया जाएगा। यूपी बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा के महामंत्री दानिश आज़ाद कहते हैं कि ‘पीएम आवास योजना हो या आयुष्मान कार्ड योजना, किसी भी योजना के आंकड़े देख लीजिए, अल्पसंख्यकों को भी इससे फायदा हुआ है। ये बहुत महत्वपूर्ण बात है। हम लोगों की जिम्मेदारी इसी बात को और सच्चाई को आगे रखने की है।’ इसके अलावा पार्टी सभी जिलों में इंटेलेक्चुअल कॉन्फ़्रेन्स भी करेगी जिसमें अल्पसंख्यक बुद्धिजीवियों को शामिल किया जाएगा।

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गौरतलब है कि हाल ही में योगी सरकार ने उर्दू अखबारों में विज्ञापन देकर इस बात को विस्तार से बताने की पहल की थी कि सरकार के फैसलों से अल्पसंख्यकों को अन्य सभी वर्गों की तरह कितना लाभ हुआ है। हालांकि, विपक्षी दल इस बात पर सवाल उठाते नजर आ रहे हैं। कांग्रेस प्रवक्ता अब्बास हैदर का कहना है कि बीजेपी ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव में एक भी मुसलमान को टिकट नहीं दिया। क्या बीजेपी को लगता है कि मुसलमानों को प्रतिनिधित्व देने की जरूरत नहीं है ? खासतौर पर तब जब बीजेपी जाति के आधार कर टिकट बांटती है। क्या बीजेपी को लगता है कि मुस्लिम समाज ये सवाल उनसे नहीं करेगा ? 

  

बीजेपी की अल्पसंख्यक विकास यात्रा को लेकर जहां विपक्ष मोदी-योगी पर हमलावर है, वहीं जानकारों का कहना है कि बीजेपी को अच्छी तरह से यह मालूम है कि मुस्लिम वोटर उसे वोट नहीं देंगे, लेकिन बीजेपी चाहती है कि उसके अपने प्रयासों से भले ही उसे वोट नहीं मिले, परंतु यदि मुस्लिम वोट के ध्रुवीकरण को रोकने में वह (बीजेपी) कामयाब हो गई तो आधी लड़ाई तो वह वैसे ही जीत लेगी। इसी को ध्यान में रखकर बीजेपी अपनी गोटियां बिछा रही है।

-अजय कुमार

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