By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Jul 10, 2026
महाराष्ट्र में सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ विधायक सुधीर मुनगंटीवार ने हिंदुत्व विचारक विनायक दामोदर सावरकर को भारत रत्न देने के प्रस्ताव में हो रही देरी पर अपनी ही सरकार को कटघरे में खड़ा किया है। शुक्रवार को राज्य विधानसभा के मानसून सत्र के आखिरी दिन उन्होंने सरकार से सवाल किया कि सावरकर को देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान देने की मांग वाले प्रस्ताव को पारित करने में आखिर इतनी देरी क्यों की जा रही है।
गौरतलब है कि इसी साल मार्च में मुनगंटीवार ने विधानसभा में एक प्रस्ताव पेश किया था, जिसमें वीर सावरकर को मरणोपरांत भारत रत्न प्रदान करने की सिफारिश की गई थी। उन्होंने सदन को याद दिलाया कि विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने 5 मार्च को आश्वासन दिया था कि प्रस्ताव पर जल्द विचार किया जाएगा। इसके बावजूद, पिछले बजट सत्र या मौजूदा मानसून सत्र की कार्यसूची में इसे शामिल नहीं किया गया।
भाजपा विधायक ने देरी पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि वीर सावरकर ने अंग्रेजों के असहनीय अत्याचारों का सामना किया था, ऐसे में कम से कम हमें तो अनजाने में भी अपनी ओर से देरी करके उन्हें और तकलीफ नहीं पहुंचानी चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि क्या किसी फाइल को इतने लंबे समय तक रोका जा सकता है, जबकि 5 मार्च से 10 जुलाई के बीच सदन के दो पूरे सत्र बीत चुके हैं। उन्होंने संसदीय कार्य मंत्री चंद्रकांत पाटिल से इस विषय पर सरकार का रुख स्पष्ट करने का आग्रह किया।
मुनगंटीवार के इन सवालों पर विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने सदन में स्थिति साफ की। उन्होंने बताया कि यह प्रस्ताव इसलिए सदन के सामने नहीं रखा जा सका क्योंकि इस पर कार्य मंत्रणा समिति में चर्चा नहीं हुई थी। अध्यक्ष ने कहा कि सभी दलों के नेताओं के साथ विचार-विमर्श किए बिना सीधे ऐसा प्रस्ताव लाना उन्हें उचित नहीं लगा। हालांकि, उन्होंने आश्वस्त किया कि सरकार इस विषय पर काम कर रही है और अगले सत्र के दौरान कार्य मंत्रणा समिति में इस मुद्दे पर चर्चा की जाएगी।