Rahul Gandhi पर Sudhanshu Trivedi का तीखा वार, लगाया अराजकता फैलाने और गुमराह करने का आरोप

By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Nov 03, 2026

भुवनेश्वर, दो नवंबर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर देश में अराजकता फैलाने के लिए झूठ बोलने और लोगों को गुमराह करने का सोमवार को आरोप लगाया। विपक्ष के खिलाफ पार्टी के लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ अभियान के तहत यहां आयोजित संवाददाता सम्मेलन में भाजपा सांसद ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और उनके सहयोगी ‘‘उन ताकतों की अंतरराष्ट्रीय साजिश का हिस्सा हैं, जो दुनियाभर में उथल-पुथल और अनिश्चितता के बीच भारत की तरक्की को बर्दाश्त नहीं कर पा रही हैं।’’ त्रिवेदी ने कहा, ‘‘देश के भीतर और बाहर मौजूद कुछ ताकतें भारत को विकसित होते हुए नहीं देखना चाहतीं। दुर्भाग्यवश, विपक्ष उनके हाथों का महज एक खिलौना बनकर रह गया है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘क्या राहुल गांधी के विचित्र और अवास्तविक आरोप उनकी बचकानी अपरिपक्वता का संकेत हैं या फिर वह सिर्फ भारत-विरोधी ताकतों के हाथों की कठपुतली हैं?’’ त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि देश में अशांति फैलाने की कोशिश करके कांग्रेस और राहुल गांधी भारतीय लोकतंत्र के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गए हैं।

भाजपा नेता ने राहुल गांधी पर झूठ बोलने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि गांधी का यह दावा झूठा है कि कुछ अधिकारी उनके संपर्क में हैं और प्रधानमंत्री आवास के बाहर उन्हें हिरासत में लेने वाली पुलिस ने भी उनके मुद्दे का समर्थन किया था। उन्होंने कहा, ‘‘राहुल गांधी ने यह दावा करके लोगों को गुमराह करने की कोशिश की कि सरकारी वित्तीय संस्थान कमजोर होकर बिखर रहे हैं।

जबकि इसके विपरीत, ये संस्थान और मजबूत हुए हैं। इस तरह राहुल गांधी की पोल खुल गई है।’’ त्रिवेदी ने यह भी दावा किया कि नरेन्द्र मोदी सरकार के 12 वर्षों के कार्यकाल में अत्यंत गरीबी में जीवनयापन करने वाली आबादी का अनुपात 27.1 प्रतिशत से घटकर 2.6 प्रतिशत रह गया है। उन्होंने कहा, ‘‘लगभग 50 करोड़ लोग अत्यंत गरीबी की श्रेणी से बाहर निकल चुके हैं।

देश में आर्थिक विकास के साथ-साथ गरीबी भी कम हो रही है।’’ त्रिवेदी ने कहा कि कांग्रेस चुनावों में अपनी हार के कारणों का विश्लेषण करने के बजाय निर्वाचन आयोग और चुनावी प्रक्रिया को दोषी ठहरा रही है। उन्होंने कहा, ‘‘यह पार्टी 2000 से ओडिशा, 1995 से गुजरात और 1990 से उत्तर प्रदेश तथा बिहार में सत्ता से बाहर है। वहीं, तमिलनाडु में 1970 के दशक से और पश्चिम बंगाल में 1977 से यह सत्ता में नहीं है।’’ त्रिवेदी ने एसआईआर को लेकर विपक्ष के आरोपों की भी आलोचना करते हुए इन्हें ‘‘निराधार, अतार्किक और भ्रामक’’ करार दिया।

उन्होंने कहा, ‘‘ये लंबे समय से सत्ता से बाहर रहे लोगों की हताशा भरी बयानबाजी है।’’

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