पार्टी संगठन में बड़ा फेरबदल करेंगे भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, इन चेहरों को मिल सकता है मौका

By अंकित सिंह | Jul 21, 2020

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा जुलाई के आखिर में अपनी नई टीम की घोषणा कर सकते हैं। इसके लिए लगभग तैयारियां पूरी कर ली गई है। भाजपा संगठन में बदलाव के बाद ही केंद्रीय मंत्रिमंडल में भी फेरबदल किया जाएगा। नड्डा के लिए सबसे पहला कार्य पार्टी के संसदीय समिति के रिक्त स्थानों को भरना है। अरुण जेटली, सुषमा स्वराज और अनंत कुमार के निधन के चलते संसदीय बोर्ड में रिक्त हुए स्थानों को भरने में नड्डा को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा वेंकैया नायडू के उपराष्ट्रपति बनने के बाद एक और सीट खाली हुई थी। यह माना जा रहा है कि संसदीय समिति में नए लोगों को मौका दिया जा सकता है। नई टीम की घोषणा को लेकर कोई कयास इसलिए भी तेज हो रहे हैं क्योंकि पिछले ही दिनों पार्टी अध्यक्ष ने 3 राज्यों में नए प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति की है। 

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पार्टी में महासचिव स्तर पर भी बदलाव देखने को मिल सकते है। पार्टी के वर्तमान महासचिव की बात करें तो कैलाश विजयवर्गीय और भूपेंद्र यादव को बरकरार रखा जा सकता है। इसके कारण यह भी है कि पश्चिम बंगाल और बिहार में आने वाले दिनों में विधानसभा के चुनाव होने है। राम माधव और मुरलीधर राव के पास भी महासचिव की जिम्मेदारी रहेगी। अनिल जैन को फिलहाल कोई और जिम्मेदारी देने की बात की जा रही है। वही यह माना जा रहा है कि सरोज पांडे को केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा एक व्यक्ति और एक पद के सिद्धांत पर काम करने के लिए योजना बना रहे हैं। ऐसे में किसी भी नेता के पास सिर्फ एक ही पद होगा। वर्तमान में यह भी कहा जा रहा है कि पूर्व केंद्रीय मंत्री मनोज सिन्हा को भी पार्टी महासचिव बनाया जा सकता है।

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पार्टी उपाध्यक्ष के रूप में भी नए चेहरों को शामिल किया जा सकता है। यह माना जा रहा है कि शिवराज सिंह चौहान के मुख्यमंत्री बनने के बाद उनकी जगह झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास को यह जिम्मेदारी दी जा सकती है। पार्टी सूत्रों का यह भी दावा है कि जेपी नड्डा की टीम में युवाओं को खासा महत्व दिया जाएगा। सूत्र यह भी बता रहे है कि पार्टी संविधान के अनुसार 33 फ़ीसदी महिलाओं को जगह देने की मूड में है। पार्टी के मीडिया संयोजक अनिल बलूनी फिलहाल स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं। उन्होंने पार्टी से आग्रह किया गया है कि उन्हें फिलहाल इस पद से मुक्त किया जाए। ऐसे में मीडिया संयोजक का पद किसी नए चेहरे को दिया जा सकता है। पार्टी के आईटी सेल और प्रवक्ताओं की टीम में भी फेरबदल की गुंजाइश दिखाई दे रही है।

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वर्तमान में पार्टी में कुछ ऐसे भी चेहरे हैं जो किसी पद पर नहीं है लेकिन उन्हें दरकिनार करना भी मुश्किल हो सकता है। सुरेश प्रभु भी उन्हीं नेताओं में से हैं। इसके अलावा हाल में ही कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया को पार्टी या फिर केंद्रीय कैबिनेट में जगह दी जा सकती है। इसके अलावा पार्टी के अन्य मोर्चों में भी बदलाव किए जा सकते है। युवा मोर्चा में पूनम महाजन की जगह किसी और को मौका दिया जा सकता है। किसान मोर्चा हो या फिर व्यापार मोर्चा, सभी में बदलाव के संकेत मिल रहे है। अब देखना होगा कि आखिर संघ और पार्टी नेताओं के बीच हुई कई बैठकों के बाद किसके चेहरे पर मोहर लगा है और किसे फिलहाल इंतजार करने को कहा गया है।

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